संजयन त्रिपाठी कल दाखिल करेंगे सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन

Oct 5, 2026 - 19:11
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संजयन त्रिपाठी कल दाखिल करेंगे सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन

                     संजयन त्रिपाठी कल दाखिल                                

                 करेंगे सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन                     

अमिट रेखा/संतराज यादव/गोरखपुर

 गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने सोमवार को बेतियाहाता स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर कहा कि वह मंगलवार को सपा के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने बताया कि एक अक्टूबर को उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्हें पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है।डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि सपा प्रत्याशी बनने के बाद 17 जिलों में पार्टी संगठन की ताकत उनके साथ जुड़ गई है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जो तैयारियां कुछ हद तक अपूर्ण थीं, उन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्णता प्रदान करने का काम किया है।
भाजपा के नामांकन कार्यक्रम में शिक्षक नेताओं और शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक संगठनों को राजनीतिक दलों से संबद्ध होने के नुकसान पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन के संस्थापक स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा ने जीवन भर किसी राजनीतिक दल से संबद्धता नहीं रखी, क्योंकि उनका मानना था कि राजनीतिक दल से जुड़ने पर शिक्षक संगठन का महत्व और प्रभाव कम हो जाता है।उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में मंच पर भाजपा के विधायक, सांसद और मंत्री नजर आए, लेकिन शिक्षक संगठन और उसके नेता दिखाई नहीं दिए। यह आने वाले समय में शिक्षकों के साथ क्या होने वाला है, इसकी सिर्फ एक बानगी है।
पुरानी पेंशन बहाली को बताया गंभीर मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि यह शिक्षकों के बीच गंभीर विषय है और इसका समाधान केवल सत्ता के पास है। उन्होंने कहा कि केवल इस मुद्दे की राजनीति करके विधान परिषद तक पहुंचना संभव है, लेकिन समाधान सत्ता में आने के बाद ही किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सत्ताधारी दल का प्रत्याशी पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दे तो शिक्षक उसका समर्थन कर सकते हैं। दूसरा विकल्प समाजवादी पार्टी है, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि सपा की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी।डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने सपा नेतृत्व के सामने प्रत्याशी घोषित किए जाने से पहले पुरानी पेंशन बहाली और वित्तविहीन शिक्षकों के सम्मानजनक मानदेय की घोषणा की मांग रखी थी। इस पर वित्तीय भार का सवाल उठाया गया, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि सरकारें कई योजनाओं पर खर्च करती हैं, लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलने से उनका सम्मान और मनोबल बढ़ेगा तथा वे प्रदेश के विकास में और बेहतर योगदान दे सकेंगे।उन्होंने दावा किया कि शिक्षक और कर्मचारी हितों में अब तक हुए अधिकांश महत्वपूर्ण फैसले पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में हुए हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने हितों और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगामी शिक्षक विधान परिषद चुनाव में सोच-समझकर निर्णय लें।