नशे के अंधकार से उजाले की ओर बिहार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू किया नशामुक्ति अभियान

Oct 28, 2026 - 06:25
Oct 28, 2026 - 06:31
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नशे के अंधकार से उजाले की ओर बिहार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू किया नशामुक्ति अभियान

पटना के अधिवेशन भवन से अभियान का शुभारंभ, युवाओं को नशे से बचाने और समाज को जागरूक करने पर जोर

अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : पटना। नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन लेता है। किसी मां की आंखों से बेटे के भविष्य के सपने, किसी पिता की मेहनत की कमाई और किसी बच्चे के सिर से सुरक्षा का साया छिनने की वजह भी नशा बन सकता है। इसी सामाजिक पीड़ा को दूर करने और बिहार को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के अधिवेशन भवन से नशामुक्त बिहार अभियान-2026 का शुभारंभ किया।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाना और समाज के हर वर्ग को नशामुक्ति के प्रयासों से जोड़ना है। अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने के लिए व्हाट्सऐप चैटबॉट और हेल्पलाइन भी जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

स्कूल-कॉलेजों में होंगी जागरूकता प्रतियोगिताएं 

अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों में भाषण, वाद-विवाद, स्लोगन लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।

एलईडी प्रचार रथ और नुक्कड़ नाटकों से पहुंचेगा संदेश 

नशामुक्ति के संदेश को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रचार रथों, एलईडी स्क्रीन वाहनों, नुक्कड़ नाटकों और डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जाएगा। शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और हाट-बाजारों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

परिवारों की खुशियां बचाने की पहल 

नशे की लत कई बार हंसते-खेलते परिवार को आर्थिक संकट, घरेलू कलह और मानसिक तनाव की ओर धकेल देती है। इसका सबसे गहरा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। ऐसे में नशामुक्त बिहार अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है।

भोजपुर जिला प्रशासन ने नागरिकों, अभिभावकों, प्रबुद्धजनों और सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

संदेश साफ है—नशे से दूरी, जीवन से नजदीकी। यदि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर जागरूकता की मुहिम चलाएं, तो अनेक युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सकता है। नशामुक्त बिहार का सपना तभी साकार होगा, जब हर घर से नशे के खिलाफ आवाज उठेगी और हर नागरिक इस बदलाव का भागीदार बनेगा।

बिहार में नशामुक्ति अभियान-2026 का शुभारंभ, 25 नवंबर तक चलेगा जागरूकता अभियान

स्वस्थ समाज और सशक्त एवं समृद्ध बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पटना के अधिवेशन भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशामुक्त बिहार अभियान-2026’ का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इसका सीधा प्रसारण वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू), आरा के मुख्य सभागार में किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

 

अधिकारियों और विद्यार्थियों ने लिया संकल्प

 

कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी, उप विकास आयुक्त अरुण प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित कर लोगों को शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

 

चैटबॉट और क्यूआर कोड का शुभारंभ

 

अभियान के तहत मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आधिकारिक चैटबॉट और क्यूआर कोड का भी अनावरण किया गया। यह अभियान 27 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक संचालित होगा। इसका उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को नशामुक्त जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

 

चार चरणों में चलेगा अभियान

 

अभियान के पहले चरण में 27 से 31 अक्टूबर तक शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे। दूसरे चरण में 1 से 7 नवंबर तक गांवों में जनसंपर्क और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। तीसरे चरण में 8 से 16 नवंबर तक परिवार और सामाजिक जीवन में नशामुक्त वातावरण पर जोर दिया जाएगा। वहीं, 17 से 25 नवंबर तक शिक्षण संस्थानों में भाषण, वाद-विवाद, स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

 

एलईडी रथ और नुक्कड़ नाटकों से होगा प्रचार

 

अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए एलईडी प्रचार रथ, नुक्कड़ नाटक और डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जाएगा। शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और हाट-बाजारों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भोजपुर जिला प्रशासन ने नागरिकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

Akhilesh Rai कार्यकारी संपादक अमिट रेखा हिंदी दैनिक समाचार पत्र