यूपी-बिहार सीमा पर तस्करी का खेल या सुरक्षा में चूक? गोवंशों से लदी पिकअप पलटी, चार की मौत
पशु तस्करी पर अंकुश के दावों के बीच बड़ा सवाल, सीमा पर कैसे दौड़ रहे तस्करी के वाहन?
चार गोवंशों की मौत ने खोली सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की पोल! जांच की मांग तेज
अमिट रेखा / कृष्णा यादव, तमकुही राज/ कुशीनगर। सोशल मीडिया पर गत दिनों वायरल खबर के मुताबिक एक डीसीएम में भरकर बिहार जा रही गाड़ी तेज रफ्तार के कारण अचानक पुलिस चौकी बहादुरपुर क्षेत्र में पलट गई जिसमें कुछ पशुओं के मरने की भी खबर बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रकाशित खबर की पुष्टि समाचार पत्र नहीं करता है परंतु यह घटना सही है तो घटना कई सवाल पैदा कर दी है लोगों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के अंदर गो, तस्करी, पर पूर्ण रूप से विराम लगाया जा चुका है परंतु यह सवाल तेजी से उभर रहा है कि पुलिस विभाग के अंदर वह कौन सी खामियां हैं जिसके बदौलत तस्करी का धंधा फल फूल रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण पशुओं से भारी पलटी गाड़ी सोशल मीडिया पर तैर रही है।
यह सवाल जांच के घेरे में है लोगों ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर से इस घटना की जांच करने की मांग उठाई है। जबकि लोगों का कहना है कि प्रत्येक डीसीएम का रजिस्ट्रेशन हर थाने में किया गया है जिसमें उसे पर नंबर लिखा हुआ है वह कौन सा वाहन स्वामी है जो अपनी गाड़ी पर पशुओं को लादवां कर बिहार भेज रहा है। यह खबर उत्तर प्रदेश बिहार सीमापुरी चर्चा के विषय बनी हुई है।
हादसा सलेमगढ़ गांव के नुनिया पट्टी स्थित बगीचे के पास हुआ। दुर्घटना में चार गोवंशों की मौत हो गईहै। दो पशु जिंदा बच गए हैं।
तरया सुजान पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव को गोवंश तस्करी की सूचना मिली थी सूचना के आधार पर गोवंश लगी वहां का घेराबंदी की गई थी पुलिस को देखकर तेजी से भाग रहा पिकअप चालक गाड़ी लेकर पलट गया। वाहन चालक और पशु तस्कर भागने में सफल रहे पुलिसी मौके पर पहुंचकर वहां और गोवंश को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।