संपत्ति पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू
अमिट रेखा /प्रदीप कुमार श्रीवास्तव /कुशीनगर
सहायक निरीक्षक निबंधन बी.एस. वर्मा ने शासन के पत्र के क्रम में जानकारी देते हुए बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिनांक 28.08.2025 को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक में संपत्ति पंजीकरण में छद्म व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्री की संभावनाओं को रोकने के उद्देश्य से आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस कार्यालय द्वारा निर्गत अधिसूचना संख्या-15/2024/2491/श-का-तख/2024 दिनांक 02 अगस्त, 2024 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा-69 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार के अनुमोदन उपरांत स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से दस्तावेजों के ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण हेतु उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली, 2024 प्रवृत्त की गई है।
उक्त नियमावली के अंतर्गत आधार संख्या धारकों का e-KYC के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से पहचान स्थापित करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(1)(न)(क) के अंतर्गत परिभाषित दस्तावेजों पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर अथवा आधार आधारित ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन की परिभाषा में सम्मिलित किया गया है।
उन्होंने बताया कि नियमावली के नियम-3 एवं 4 के अंतर्गत उप-निबंधक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया क्रियाशील है, जिसके अंतर्गत दस्तावेजों के समस्त विवरण ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप में सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रविष्ट किए जाते हैं। तत्पश्चात चयनित तिथि एवं समय पर निष्पादकों एवं गवाहों के बायोमेट्रिक अंगूठे के निशान दर्ज कर तथा फोटो अपलोड करने के उपरांत नियमानुसार पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है।
वर्तमान समय में निष्पादकों एवं पक्षकारों की पहचान सुनिश्चित करने हेतु भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा विकसित आधार प्रमाणीकरण की वैधानिक एवं तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया में पक्षकारों की सहमति प्राप्त करने के उपरांत आधार प्रमाणीकरण लागू किए जाने के संबंध में दिनांक 16.12.2022 को अधिसूचना निर्गत की गई है।
उन्होंने बताया कि उप-निबंधक कार्यालय पड़रौना सदर, हाटा, कसया, तमकुहीराज, कप्तानगंज एवं खड्डा में पंजीकरण प्रक्रिया के अंतर्गत पक्षकारों एवं गवाहों की पहचान के सत्यापन हेतु आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था दिनांक 01 फरवरी 2026 से लागू की जाएगी।