सड़क चौड़ीकरण के मुआवजे में किसानों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं - ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी
सड़क चौड़ीकरण के मुआवजे में किसानों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं - ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी
सोनहुला-आनंद नगर मार्ग के भूमि अधिग्रहण में मुआवजे की विसंगतियों को लेकर पुनः सर्वेक्षण की मांग
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई आवाज
अमिट रेखा /तरकुलवा /देवरिया
सोनहुला से आनंद नगर मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर ग्राम रामपुर जगदीश उर्फ वृन्दावन के ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में कथित भेदभाव पर नाराजगी जताई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सपा नेता ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान सर्वेक्षण की निष्पक्ष समीक्षा और प्रभावित क्षेत्र का पुनः सर्वेक्षण कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है और वे इसके विरोधी नहीं हैं। हालांकि, भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में कुछ किसानों को अधिक तो कुछ को कम राशि निर्धारित किए जाने की शिकायत सामने आ रही है। इससे प्रभावित किसानों में असंतोष है। ग्रामीणों की मांग है कि मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी की ओर से उठाई गई मांगों में पूरे प्रभावित क्षेत्र का पुनः सर्वेक्षण, प्रत्येक किसान की भूमि का वास्तविक मापांकन और प्रचलित शासनादेशों एवं लागू कानूनों के अनुसार उचित मुआवजा निर्धारित करना शामिल है। साथ ही, मुआवजा निर्धारण में भेदभाव की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित किसानों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर देने की मांग की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी देवरिया से हस्तक्षेप कर मामले की समीक्षा कराने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि मुआवजे को लेकर किसी प्रकार का विवाद न रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका स्पष्ट कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण विकास के लिए हो, लेकिन किसानों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।