3 महीने पूर्व युवक को पीटकर मौत के मुहाने पर छोड़ा, पुलिस ने नहीं दर्ज किया मुकदमा
- योगी सरकार के दावे हो रहे फेल, कुशीनगर में
अपराधियों के हौसले बुलंद
- कुबेर स्थान थाने पर दलालों का बोलबाला,जिम्मदारों ने
साधी चुप्पी
अमिट रेखा/रुदल प्रसाद/पडरौना,कुशीनगर
कुशीनगर में योगी सरकार का अपराधियों पर दिया गया चर्चित स्लोगन बटोगे तो कटोगे, एवं अपराधियों का स्वागत यमराज करेंगे, यह कथन वर्तमान में छवाला साबित हो रहा है। हाल ही में जनपद कुशीनगर में दबंगों की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
जहां कुछ दबंगों ने एक युवक को बेरहमी से पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। घटना के बाद घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। कठकुइयां बाजार में घर का सामान खरीदने गए युवक को पीट-पीट कर मरणासन्न स्थिति में मरा हुआ समझ कर गोबर के गड्ढे में खाद से ढक देना ताकि सुराग न मिल सके। अपराधियों के द्वारा किया गया यह हमला कुशीनगर पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
फिलहाल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वर्तमान में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है इलाज जारी है। आरोप है कि जंगल हनुमानगंज सेमरिया बाजार निवासी केदार मद्धेशिया का 21 वर्षीय बेटा अमर मद्धेशिया 24 जनवरी की शाम कठकुइया बाजार करने गया था,घर लौटते समय मठीया चौराहे पर सड़क किनारे लघु शंका करते समय कुछ लोग आग बबूला होकर गाली गुप्ता देने लगे जब तक युवक समझ पाता दर्जनों लोग धावा बोल कर भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उक्त युवक को अपराधियों द्वारा बुरी तरह से पीट-पीटकर मरणासन्न अवस्था में पहुंचा दिया गया। अचेत अवस्था में मरणासन्न समझकर हमलावरों ने युवक के शरीर को गोबर के गड्ढे में खाद से ढक कर छिपा दिया गया था । देर रात जब युवक के परिजन खोजते बाजार पहुंचे तो पता चला कि उक्त चोटिल युवक संदिग्ध परिस्थति में मिला परिवार के लोग सदमे में आ गए । अमर मद्धेशिया को आनन फानन में जिला चिकित्सालय रविंद्रनगर लाया गया जहां डाक्टरों ने मामला गम्भीर देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिए। पीड़ित पक्ष ने तब से वर्तमान समय तक अमर का इलाज विभिन्न महंगे अस्पतालों में खेती-बाड़ी, गहना आभूषण बेच कर इलाज करा रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संबंधित मामले को लेकर अमर के परिजन पिछले तीन महीनों से कुशीनगर जनपद के पुलिस अधिकारियों से थाना प्रभारी तक अपनी व्यथा सुनाते रहे लेकिन हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पक्ष की लगातार गुहार के बावजूद पुलिस अब तक मुकदमा दर्ज करने से बचती नजर आ रही है।
आरोपियों के खिलाफ स्पष्ट सबूत और मेडिकल रिपोर्ट होने के बावजूद भी कुशीनगर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
मजबूरन अमर मद्धेशिया के परिजनों ने हार थक कर कोर्ट का शरण ली। अब सवाल यहाँ खड़ा होता है कि क्या इन थानों पर दलालों का बोल बाला तो नहीं..? क्या दलालों के इशारो पर होती है कार्यवाहियां..?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुशीनगर जनपद का कुबेर स्थान थाना क्षेत्र इन दोनों दलालों के हवाले है उनके इशारों पर रिपोर्ट लिखी जाती है। वैसे तो इन थानों पर एफआईआर लिखना तो दूर फरियादियों की बातों सुनने के लिए दलाल हमेशा हाबी रहते हैं। इन थानों पर उत्तर प्रदेश के मुखिया का अपराधियों पर चर्चित स्लोगन अपराधियों और समाज को संदेश देता है कि कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन कुशीनगर जनपद में ठीक इसके विपरीत हो रहा है।
प्रशासन की चुप्पी से पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
जनपद में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मदार उच्च अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कोई ठोस कदम उठाते हैं या मामले को ठंढे बस्ते में डालते हैं.. यह अपने आप में एक यक्ष प्रश्न है।