हेतिमपुर कुशीनगर में एनडीआरफ की टीम ने किया मोबलाइजेशन ड्रिल ग्रामीणों को दिए बचाव के उपाय
अमिट रेखा/ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव/ कुशीनगर
आज हेतिमपुर में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए आपदा राहत टीम व एनडीआरफ और अन्य संस्थाओं द्वारा मोबलाइजेशन ड्रिल का अभ्यास किया गया।
11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा* के मार्गदर्शन में एनडीआरफ गोरखपुर के *निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में छोटी गंडक में 5 तरह की आपदाओं पर मोबलाइजेशन ड्रिल जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर मॉकड्रिल के निर्माणाधीन तटबंध पर संपन्न हुई जिसमें जिला प्रशासन व एनडीआरएफ ने प्रतिभाग किया। इस मॉकड्रिल का संचालन निरीक्षक धीरेंद्र सिंह समन्वय आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने किया।
एनडीआरएफ के जवानों ने 1 बजे पहली ड्रिल प्रारंभ की जिसमें दर्शाया गया की एक नाव बोट पलटने को दर्शाया ऐसी स्थिति में तुरंत सहायता करने एनडीआरएफ की टीम एक बोट द्वारा वहां पहुंचती है और दो जवान उन डूबते लोगों को बचाते हैं इसके उपरांत उन्हें मेडिकल स्वास्थ्य प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है । इस ड्रिल में डूबते व्यक्ति को कैसे बचाना है व उन्हे कैसे सीपीआर देना है सीपीआर का वैज्ञानिक तरीका के साथ घरेलू उपकरण की सहायता से बचाव के गुण सिखाए।
इसी तरह नदी में डूबे एक व्यक्ति की खोज एनडीआरएफ के गोताखोरों द्वारा की जाती है । चौथे दृश्य में एक सिविल बोट क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाते वक्त दुर्घटना का शिकार हो जाती है तब एनडीआरएफ के जवानों द्वारा त्वरित सहायता उपलब्ध कराकर डूबते व्यक्तियों को बचाया जाता है । इसके उपरांत नदी में डूब रहे एक व्यक्ति का जवानों द्वारा सफलता पूर्वक रेस्क्यू की । नदी में एनडीआरएफ के जवानों द्वारा ग्रामीणों को घरेलू सामानों का उपयोग कर लाइफ जैकेट बनाने और जान बचाने की भी जानकारी दी गयी ।
इस अवसर पर कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि जनपद के यह क्षेत्र बाढ़ आपदा से प्रभावित है इसलिए ग्रामीणों को बाढ़ आने से पूर्व जान माल की रक्षा का प्रशिक्षण देने का उद्देश्य आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित कर पायेंगे ।"
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, लेखपाल रतन मंजरी गुप्ता , एनडीआरएफ निरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सहित 30 जवानों व 200 की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।