बाल श्रम कराना दण्डनीय अपराध, हो सकती है 02 वर्ष तक की सजा
अमिट रेखा/ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव/ कुशीनगर
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने अवगत कराया है कि दिनांक 19.01.2026 को श्रम विभाग, पुलिस विभाग व चाइल्ड लाइन की संयुक्त्त टीम द्वारा एन0 एच0 28 कुशीनगर पर स्थित ढ़ाबों का निरीक्षण कर एक ढ़ाबे पर कार्यरत पाये गये बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिक से कार्य लेने वाले सेवायोजक/प्रतिष्ठान स्वामी के विरूद्ध बाल श्रम निषेध अधिनियम की सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने आमजन को अवगत कराया है कि बाल श्रम कराने पर 06 माह से 02 वर्ष तक की कैद एवं 20 हजार से 50 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। शिक्षा व सुरक्षित बचपन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस कुशीनगर प्रभारी निरीक्षक विद्याधर कुशवाहा, मुकेश यादव, चाइल्ड लाइन से मोहन लाल, श्री मानस, आदित्य, श्री अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, श्री शशि शेखर मिश्र सम्मिलित रहे।