प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों से अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, डूडा द्वारा जांच एवं शिकायत तंत्र सक्रिय
अमिट रेखा /प्रदीप कुमार श्रीवास्तव /कुशीनगर
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों से अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन एवं डूडा कुशीनगर (जिला शहरी विकास अभिकरण) द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया है।
जिलाधिकारी/ अध्यक्ष डूडा कुशीनगर ने बताया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रदान की जाने वाली धनराशि पूरी तरह निशुल्क है तथा किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार की वसूली करना पूर्णतः अवैध एवं दंडनीय अपराध है। प्रधान मंत्री आवास योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ही पूर्व में पात्र लाभार्थियों की सूची kushinagar.nic.in पोर्टल पर साझा किया गया है
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत किसी भी पात्र लाभार्थी की किस्त रोकी नहीं जाएगी और न ही किसी प्रकार की अवैध वसूली को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थियों से धन की मांग करता है या धमकी देता है तो सूचना मिलने पर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था* उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लाभार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष तंत्र सक्रिय किया गया है। लाभार्थी किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, धमकी या उत्पीड़न की सूचना डूडा कुशीनगर कार्यालय में
परियोजना अधिकारी डूडा को , अपर जिलाधिकारी कार्यालय में अपर जिलाधिकारी/ परियोजना निदेशक या जिलाधिकारी कार्यालय में दूरभाष / लिखित शिकायत / ऑनलाइन माध्यम से दे सकते हैं l
शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा शिकायत के सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लाभार्थियों से अपील
जिलाधिकारी महोदय ने जनपद के सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को आवास सत्यापन या किसी किश्त के लिए पैसा न दें, अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक अथवा अन्य सम्वेदनशील दस्तावेज किसी को न सौंपें l जो लाभार्थी पात्र हैं उन्हें आवास निर्माण हेतु पहली किश्त आवास निर्माण आरंभ करने हेतु, दुसरी किश्त आवास के फाउंडेशन बन जाने के बाद तथा तृतीय किश्त आवास निर्माण पूर्ण हो जाने के उपरांत प्रदान की जाएगी जो निःशुल्क होगी l अतः लाभार्थी गण किसी के बहकावे में या झासे में ना आए l