पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, कंबाइन हार्वेस्टर भी होंगे सीज: डीएम

Oct 27, 2026 - 06:41
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पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, कंबाइन हार्वेस्टर भी होंगे सीज: डीएम

पराली प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त, राजस्व, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी 

अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा)  : महराजगंज। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए। वहीं, बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (सुपर एसएमएस) अथवा निर्धारित पराली प्रबंधन व्यवस्था के संचालित होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को सीज करने की कार्रवाई की जाए।

सोमवार, 26 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को लेखपालों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।

जिलाधिकारी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग के सचल दल सक्रिय किए जाएं। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर जागरूकता गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और उनके वैकल्पिक उपयोग के बारे में जानकारी दी जाए।

हार्वेस्टर संचालकों पर भी रहेगी नजर

डीएम ने सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारियों तथा थानों पर थानाध्यक्षों की अध्यक्षता में कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर नियमित निगरानी की जाए, ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित किसान और कंबाइन हार्वेस्टर स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गोशालाओं तक पहुंचाई जाएगी पराली

पराली के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को ग्राम प्रधानों के माध्यम से फसल अवशेषों को गोशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर पराली जलाने से होने वाले नुकसान और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर एसएमएस लगवाने तथा फसल कटाई के बाद कृषि यंत्रों की मदद से अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। वहीं, थानाध्यक्षों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर निगरानी रखने और पराली जलाने की घटना सामने आने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

Akhilesh Rai कार्यकारी संपादक अमिट रेखा हिंदी दैनिक समाचार पत्र