पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय के नाम पर लाखों का बंदरबांट 

Dec 23, 2025 - 19:32
 0
पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय के नाम पर लाखों का बंदरबांट 

पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय के नाम पर लाखों का बंदरबांट 

दिवाल व छत में दरार से कभी भी हो सकता है पक्का मकान ध्वस्त, खतरे की आशंका 

अमिट रेखा /राधेश्याम शास्त्री /दुदही ब्लॉक/कुशीनगर

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना चाहे मनरेगा योजना हो, राज्य बित्त योजना हो, केन्द्रीय वित्त योजना हो, चाहे पन्द्रहवां वित्त योजना हो, विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्य कराने का प्रधान/ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारियों को शासनादेश जारी किया गया है, कार्यों में पारदर्शिता से इमानदारी के साथ कार्य करना है। जिसमें मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, एस एल डब्ल्यू एम, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण योजना सहित परियोजनाओं पर सामग्री प्रथम श्रेणी इंट, इंट की गिट्टी, सिमेट, मोरंग बालू, सफेद बालू, सरिया, पत्थर की गिट्टी, इंटरलाकिंग ईंट, पेंट, प्राइमर, समोसन, ह्यूम पाईप, टायल्स,, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर व मरम्मत मेटेरियल, प्लास्टिक बैग, डस्टबिन, भरकम, प्रोफाइल सीट, ई-रिक्शा, गारवेजर, आर ०सी०सी० , बैग, डेस्क, सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपेन जीम सामग्री, झूला, पंचायत सचिवालय स्थापना सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री,सी सी कैमरा, व्हील चेयर, डिजीटल कैमरा, पार्किंग मसीन, आदि की आवश्यकता हेतु जिस पर निविदा आमंत्रित किया जाती हैं। आपूर्ति कर्ता को भुगतान तकनीकी सहायक, अवर अभियंता द्वारा सामग्री की गुणवत्ता प्रमाणित होने तथा मापन होने के उपरान्त किया जाता है। मालूम हो कि जनपद के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त (धर्मपुर खुर्द), में उपर्युक्त योजनाओं के साथ ही साथ ग्राम पंचायत में सोख्ता निर्माण कार्य, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर व मरम्मत कार्य, कुएं की सुन्दरीकरण, छठ घाट की सुन्दरी करण  पंचायत सचिवालय,  सामुदायिक शौचालय निर्माण व‌ मरम्मत कार्य , सड़क पर मिट्टी भराई के नाम पर छिलाई कार्य जैसे नाम पर सरेआम फर्जी वाड़ा और भ्रष्टाचार का अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल जब सरकार की विकास परियोजनाओं की गिनती कराने की प्रेषर होती है तब अधिकारी स्वयं भागते -फिरते और चौपाल का आयोजन करते दिख जाते हैं-------लेकिन वहीं सवाल कि आखिर में डिप्लोमैट आफिसर/अधिकारी भी ज्यादातर नेता, मंत्रियों के समान सिर्फ बरसाती मेंढक की तरह क्यों दिखाई देते हैं। जिले के जिम्मेदार सहित ब्लाक स्तर के जिम्मेदारों को लगता है कि उनकी कुर्सी उन्हें छोड़ ही नहीं रही ताकि जमीनी स्तर पर पहुंच कर भी विकास की नैया पर जरा ध्यान दे सके कि आखिर ग्राउंड पर समुचित विकास हो भी रहा या सिर्फ कागजों पर  ।
ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त के ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय के निमार्ण, सुन्दरी करण व मरम्मत कार्य दिखाया गया है। उस पंचायत सचिवालय का दिवाल व पक्का भवन का छत फटा हुआ दिखाई दे रहा है, जो खतरे की आशंका जता रहा है। भविष्य में कोई घटना घट सकती है। दिवाल व छत कभी भी गिर कर ध्वस्त हो सकता है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि पंचायत भवन के सटे पूरब तरफ सामुदायिक शौचालय का पक्का निर्माण कार्य कराया गया है। मेन रोड से पूरब से पश्चिम जाने वाली सड़क से निकल कर उत्तर तरफ़ सामुदायिक शौचालय में जाने वाली इंटरलाकिंग सड़क निर्माण के उपर घास -फूस उगा हुआ है।यह यक्ष प्रश्न है। क्या पत्थर इंटरलाकिंग पर घास -फूस जम सकता है ? 
लोगों का यह भी कहना है कि उपरोक्त कार्य में मैटेरियल की भारी गड़बड़ी व अनियमितता की गई है। विभिन्न कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुणवत्ता भी बेहद खराब है।इसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त लाखों रुपए की लागत से कराये गये घटिया निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान व निकट ग्राम पंचायत सचिव द्वारा धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट कर लिया गया है जो निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि व‌ ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उक्त कार्यों में घटिया मेटेरियल का प्रयोग कर धन का बंदरबांट कर लिया गया है। गांव के लोगों का कहना है कि कार्य योजना के नाम पर बड़ी धनराशि उठाई गयी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ग्राम में हर बार विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सड़क निर्माण कार्य में ईंटें टूट रही हैं। सेवलिंग ग़लत है और मोरंग की जगह मिट्टी डाली गयी है।  ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की खुली लूट हो रही है, जबकि गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाये जा रहे हैं।  ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में निमार्ण कार्य ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि सहित विगत वित्तीय वर्ष में काय॔रत‌‌‌ ग्राम पंचायत सचिव द्वारा गांव सभा में कराये गये निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की शिकायतों पर गम्भीरता से ध्यान न देने से यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार की गंगा नीचे से ऊपर तक बह रही है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी कुंभ कणी॔ निद्रा में निमग्न हो आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं न कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है और न ही कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है और न ही कोई काय॔वाही करने वाले दिखाई दे रहे हैं सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं काश ! ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में विकास कार्य कराए गए सम्पूर्ण कार्यों की  निष्पक्ष व निभि॔क रुप से डोर टू डोर  जांच -पड़ताल कराकर दोषी ग्राम प्रधान/प्रधान प्रतिनिधि सहित विगत वित्तीय वर्ष में काय॔रत‌‌‌ ग्राम पंचायत सचिव के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक है।अब देखना यही है कि आगे क्या गुल खिलता है। ! पाठक गण ध्यान दें।