करवाचौथ आज, लक्ष्मी नारायण राजयोग और परिधि योग का बन रहा संयोग
शुक्र अस्त होने के बावजूद नवविवाहिताएं रख सकेंगी पहला व्रत, आचार्य प्रदीप द्विवेदी ने दी जानकारी
अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : करवाचौथ का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा-अर्चना करेंगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार पर्व पर लक्ष्मी नारायण राजयोग और परिधि योग का संयोग भी बन रहा है।
शिव साधक एवं श्रीराधारमण शिष्य संप्रदाय, मिश्री मठ हरिद्वार से जुड़े आचार्य प्रदीप द्विवेदी ‘रमण’ ने बताया कि शुक्र अस्त होने के बावजूद नवविवाहिताएं अपना पहला करवाचौथ व्रत रख सकती हैं। उन्होंने कहा कि करवाचौथ की पूजा में शुक्र ग्रह की बजाय भगवान शिव-पार्वती, गणेश जी और चंद्रमा की आराधना का विशेष महत्व है।
आचार्य के अनुसार, शुक्र ग्रह 13 से 28 अक्टूबर तक अस्त रहेंगे और 31 अक्टूबर को पूर्ण बल प्राप्त करेंगे। वहीं, शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग तथा परिधि योग का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ माना जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
आचार्य प्रदीप द्विवेदी के अनुसार, चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की रात 1:06 बजे से 29 अक्टूबर की रात 10:09 बजे तक रहेगी। करवाचौथ पूजा के लिए शाम 5:26 बजे से 6:43 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। चंद्रोदय रात करीब 8:06 बजे संभावित है। वहीं, रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:11 बजे तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
— आचार्य प्रदीप द्विवेदी ‘रमण’, पत्रकार एवं आध्यात्मिक लेखक के अनुसार