अयोध्या में लेखपाल की गिरफ्तारी पर गोरखपुर में गरजा विरोध, बोले कर्मचारी—‘साजिश के तहत फंसाया गया’
अयोध्या में लेखपाल की गिरफ्तारी पर गोरखपुर में गरजा विरोध, बोले कर्मचारी—‘साजिश के तहत फंसाया गया’
अमिट रेखा/राकेश कु त्रिपाठी/गोरखपुर
अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा एक लेखपाल को ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने की कार्रवाई के विरोध में गोरखपुर सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अनिल राय और तहसील मंत्री रत्नेश सिंह ने की।
धरने के बाद लेखपाल संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। संघ ने अयोध्या में हुई कार्रवाई को गलत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
लेखपाल संघ का आरोप है कि पंचायत भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कथित तौर पर दिखाई देता है कि पैसा फाइल के अंदर रखकर दिया जा रहा था। संघ का कहना है कि इसे रिश्वत का मामला बताकर लेखपाल को फंसाया गया और राजस्व कर्मियों की सामाजिक छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
संघ ने एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निर्दोष लेखपालों को फर्जी तरीके से फंसाने के मामलों की जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
लेखपाल संघ का कहना है कि जमीन के विवादों में अक्सर दो पक्ष होते हैं। राजस्व कर्मचारी अगर जांच के आधार पर किसी एक पक्ष के पक्ष में रिपोर्ट करता है तो दूसरा पक्ष बदले की भावना से उसे फंसाने की कोशिश कर सकता है।
“हम भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं करते, लेकिन निर्दोष कर्मचारियों को साजिश के तहत फंसाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
धरना-प्रदर्शन के जरिए लेखपाल संघ ने शासन से मामले की निष्पक्ष जांच और निर्दोष राजस्व कर्मियों को संरक्षण देने की मांग की।