मिलावट खोरी के खिलाफ खाद्य विभाग ने शुरू किया जांच अभियान
मिलावट खोरी के खिलाफ खाद्य विभाग ने शुरू किया जांच
अभियान
अमिट रेखा/ संत राज यादव/ सहजनवा/ गोरखपुर
गोरखपुर में होली के पहले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है, खाद्य विभाग की तीन टीमों ने छापेमारी करते हुए15 क्विंटल मिलावटी मावा जब्त किया है. वहीं एक अन्य फैक्ट्री में छापेमारी कर 10 क्विंटल फफूंद लगी एक्सपायरी मिठाई (सोनपापड़ी) बरामद कर उसे नष्ट कराया है. खाद्य विभाग के अधिकारियों का आशंका है कि इन मिठाइयों को रिसाइकल कर फिर से बाजार में भेजने की तैयारी थी.
जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन टीमें लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फैक्ट्री और दुकानों पर छापेमारी की कार्रवाई कर रही है. फूड विभाग की टीम ने गोरखपुर के हार्वर्ड बंदे के पास स्थित एक फैक्ट्री से 10 क्विंटल एक्सपायरी फफूंद लगी मिठाई बरामद की है. टीम ने से त्वरित कार्रवाई करते हुए नष्ट करा दिया है. रिसाइकल कर फिर से बाजार में सप्लाई की आशंका
अधिकारियों का आशंका है कि इसे रिसाइकल कर फिर से मिठाई तैयार कर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी. इसके पहले ही फूड विभाग की छापेमारी में यह एक्सपायरी फफूंद लगी मिठाई (सोनपापड़ी) बरामद हो गई. टीम ने इसके अलावा कैंपियरगंज से 6 क्विंटल लड्डू बनाने की सामग्री, बूंदी, सूजी, मैदा को भी बरामद कर नष्ट कराया है।10 क्विंटल फफूंद लगी मिठाई कराई नष्ट गोरखपुर के सहायक आयुक्त खाद्य डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि राजघाट क्षेत्र के हार्वर्ड बंधा के पास एक फैक्ट्री से 10 क्विंटल फफूंदी लगी हुई एक्सपायरी सोनपापड़ी और लड्डू बनाने वाले बूंदी को बरामद कर उसे नष्ट कराया गया. यह वह माल है जो दुकानों से वापस आया है. आशंका है कि इसे पुन: इस्तेमाल कर इसकी बनी सामग्री बाजार में सप्लाई की जा सकती है. एक्सपायरी होने और फफूंद लगी होने की वजह से इस जांच के लिए नहीं भेजा गया है और सीधे नष्ट करा दिया गया है.
15 क्विंटल मिलावटी मावा बरामद
उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में खोवा मंडी से 15 क्विंटल मिलावटी खोवा (मावा) को भी बरामद कर उसे नष्ट कराया गया. कैंपियरगंज क्षेत्र में मिठाई बनाने वाले लगभग 6 क्विंटल सामग्री को जब्त किया गया. उन्होंने बताया कि मिलावटी वस्तुओं के सेवन से फूड पॉइजनिंग के अलावा लीवर और किडनी पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. इसके अलावा कई तरह की गम्भीर बीमारी हो सकती है.