कुशीनगर में अवैध खनन का काला खेल, धड़ल्ले से जारी
कुशीनगर में अवैध खनन का काला खेल, धड़ल्ले से जारी
सैकड़ों जगहों पर जेसीबी और हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सक्रिय
विभागीय मिलीभगत और भारी वसूली के आरोप
अमिट रेखा/संजय राय/कुशीनगर:
कुशीनगर जनपद में अवैध खनन का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। अवैध खनन का खेल लगातार जारी है। सूत्रों की मानें तो रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी व बालू का अवैध खनन खुलेआम किया जा रहा है। आरोप है कि जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित हो रहा है, जबकि नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। जिले के सैकड़ों स्थानों पर सैकड़ों जेसीबी मशीनें और हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात मिट्टी व बालू के अवैध खनन में लगी हुई हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खेतों, पोखरों और सरकारी जमीनों से खनन किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई क्षेत्रों में लगातार खनन होने से खेत, सड़कें और जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि अवैध खनन करने वालों से भारी वसूली का खेल चलता रहता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय संरक्षण और भारी वसूली के दम पर यह पूरा खेल खुलेआम संचालित हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि बिना वैध अनुमति के वाहन प्रतिदिन मिट्टी और बालू ढो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। इससे शासन की मंशा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि रात होते ही खनन माफियाओं की गतिविधियां तेज हो जाती हैं और बिना किसी वैध अनुमति के सैकड़ों वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं। इससे जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, वहीं पर्यावरण और जलस्तर पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने शासन-प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।