कजरिया टाइल्स इंडस्ट्री में दो कैरेबियन की मौत, गैस लीक या अशांति? जांच के बाद खुलेगा राज

Jan 5, 2026 - 22:00
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कजरिया टाइल्स इंडस्ट्री में दो कैरेबियन की मौत, गैस लीक या अशांति? जांच के बाद खुलेगा राज

कजरिया टाइल्स इंडस्ट्री में दो कैरेबियन की मौत, गैस लीक या अशांति? जांच के बाद खुलेगा राज


अमिट रेखा/ जितेंद्र तिवारी/ महराजगंज

बड़ाघाट नगर पालिका क्षेत्र के भटौलिया स्थित कजरिया के रमेश टाइल्स उद्योग में काम करने वाले दो कारखानों की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतकों के स्थानीय और स्थानीय लोगों ने उद्योगों के परिसर को घेर लिया और प्रबंधन पर गंभीर विवाद का आरोप लगाते हुए सलाह जांच की मांग की। अधिकांश लोगों ने कुछ समय तक सामान उठाने से भी मना कर दिया।पुलिस के अनुसार, रात का काम खत्म होने के बाद कमरे में एक नेपाली और एक भारतीय कलाकार की हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान बहादुर थापा (30 वर्ष), निवासी धनेवा, बालाघाट नगर पालिका-13 और विनोद कुमार (40 वर्ष), निवासी ग्राम-पोस्ट 6, जिला असैन्य, उत्तर प्रदेश (भारत) के रूप में हुई है।
 स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री के अंदर गैस लीक होने के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हो गई। उनका दावा है कि जाम लगे गैस वाल्व को चिप्स के लिए कैरेबियन में भेजा गया था। गैस की चपेट में आने के बाद उन्हें पास के एक कमरे में ले जाकर व्यापारी सुला दिया गया, ताकि घटना को छुपाया जा सके। अन्य कारखानों के गोदामों से लेकर स्थानीय लोगों तक के उद्योगों पर गंभीर संकट का आरोप है।
वहीं, औद्योगिक प्रबंधन ने गैस लीक के पोर्टफोलियो को खारिज कर दिया है। कजरिया टाइल्स इंस्टीट्यूट के सीनियर पब्लिक रिलेशन्स के मैनेजर रमेश न्यौपाने ने दावा किया कि एग्रीकल्चर गैस लीक से नहीं, बल्कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि दोनों ने नए साल का जश्न मनाता हो और कमरे में सोने के दौरान ऑक्सीजन की कमी हो गई हो।
ऑफिस पुलिस नवलपरासी (पश्चिम) के प्रमुख स्पाइ अनुपम श्रेष्ठ ने बताया कि दोनों शव इंडस्ट्रीज़ के गैस फायर (फायर कंट्रोल) प्लांट के एक ही फ्लोर पर मसाले मिलते हैं। उद्योग से सूचना बैठक के बाद पुलिस प्रशासन की वेबसाइट पर सुझाव। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक पहलुओं का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही चल जाएगी।
घटना के बाद प्रोविंशियल हॉस्पिटल, बुटवल डिस्पैनल की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन इसमें स्थानीय लोगों और अवशेषों का विरोध जारी रहा। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषी को बिना अनुमति के पद से वंचित कर दिया।
काफी देर से चली बातचीत के बाद स्थानीय अनुष्ठान, सुरक्षा शास्त्र, उद्योगों और अवशेषों के बीच उद्योगों को अस्थायी रूप से बंद किया गया और वैज्ञानिक समीक्षा पर सहमति बनी। एक्जेक्ट के बाद दोनों वस्तुओं को बुटवल के लिए भेज दिया गया।
सबूत, पूरे मामले पर सभी के सहयोगियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफा हो गया कि यह हादसा गैस लीक, ऑक्सीजन की कमी या उद्योग का नतीजा था।