नौतनवा के प्रसिद्ध मां बनैलिया मंदिर पर गरबा का आयोजन शुरू
नौतनवा के प्रसिद्ध मां बनैलिया मंदिर पर गरबा का आयोजन शुरू
गरबा मात्र एक नृत्य नहीं बल्कि माता के प्रति एक आराधना है - जया सिंह
अमिट रेखा/ ठाकुर सोनी/महाराजगंज
जनपद महाराजगंज के नौतनवा नगर में स्थित प्रसिद्ध मां बनैलिया मंदिर की बागडोर जब से व्यापार मंडल अध्यक्ष संतोष जायसवाल के हाथों में आया है तब से विकास की गति और तेज हो गई है तथा विभिन्न प्रकार के आयोजन मंदिर के प्रांगण में आयोजित होते रह रहे हैं। जिसमें मंदिर के प्रांगण में गरबा नृत्य भी एक यह दूसरा साल है जब मंदिर के प्रांगण में गरबा नृत्य का आयोजन हो रहा है जिसकी शुरुआत मंदिर के अध्यक्ष संतोष जायसवाल के कार्यकाल से शुरुआत हुआ है।
इसी के साथ नए-नए कार्य भी मंदिर प्रांगण में देखने को मिल रहा है। इससे पहले भी जितने अध्यक्ष मंदिर के हुए हैं वे भी अपने कार्यकाल में अच्छा कार्य किए हैं जैसे-जैसे दिन बीत रहा है और नए अध्यक्ष निर्वाचित हो रहे हैं वे अपने कार्यकाल में अच्छा करने की चाह में मंदिर को नए रूप में सजाने की कोशिश करते रहे हैं खुशी क्रम में नए अध्यक्ष अपने इस दूसरे कार्यकाल में मंदिर को एक नया रूप देने में अपनी पूरी ऊर्जा लग रहे हैं।
मां बनैलिया का संबंध महाभारत काल से ही रहा है बाबा रामदास से लेकर बाबा काशी दास तक मंदिर का विकास होता आया है किंतु जब से काशी दास मंदिर में पुजारी के रूप में स्थापित हुए तब से माता बनैलिया के प्रांगण का विस्तार काफी हुआ, इस विस्तार में नौतनवा के पूर्व विधायक मुन्ना सिंह का अथक परिश्रम और सहयोग रहा है मंदिर के संरक्षक के रूप में इन्होंने अपना विशेष योगदान दिया जो आज तक चल रहा है।
गरबा का नृत्य नवरात्रि में नवमी तक चलेगा ऐसा कहना है गरबा के संयोजक कुमारी जय सिंह का जो इस आयोजन में अपनी पूरी टीम के साथ प्रतिदिन शाम के आरती के बाद प्रारंभ होगा तथा पंचमी के दिन एक विशाल गरबा नृत्य का आयोजन होगा जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।
गरबा की संयोजक कुमारी जय सिंह ने दै0 अमिट रेखा को बताया कि मात्र एक नृत्य नहीं है बल्कि मां अंबे के प्रति एक आराधना है जो महिलाएं अपने के माध्यम से माता को खुश करने का प्रयत्न करती है।
नौतनवा के माने जाने समाजसेवी और गौशाला के अध्यक्ष मनोज राणा का योगदान नौतनवा में जो भी आयोजन होते हैं उसमें उनकी उपस्थिति और सहयोग सदैव रहता है।