त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीएम योगी सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
दीपोत्सव से लेकर धनतेरस और दीपावली तक सुरक्षा, यातायात, बिजली-पानी और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश
अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और जनसुविधाओं से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उत्सव के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अफवाह, भ्रामक खबर या भड़काऊ बयान के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अयोध्या धाम में 7 नवंबर को प्रस्तावित भव्य दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अंतरजनपदीय और स्थानीय यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा रूट डायवर्जन की जानकारी पहले से आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात रखने को भी कहा।
धनतेरस और दीपावली को देखते हुए बाजारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने 24 घंटे पुलिस निगरानी, पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने पर जोर दिया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा पीआरवी-112 को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
पटाखों की बिक्री और अग्नि सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी भंडारण स्थल घनी आबादी से दूर खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही बनाए जाएं। अग्निशमन विभाग को पर्याप्त संसाधनों और फायर टेंडरों के साथ 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय त्योहार से पहले उनके बैंक खातों में भेजने को कहा।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। खाद की जमाखोरी, कृत्रिम किल्लत पैदा करने और निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा।
धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी उपज की तौल पारदर्शी तरीके से की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान अपनी फसल बेचे बिना निराश होकर वापस न लौटे।