तहसील दिवस में मोबाइल पर व्यस्त दिखे पडरौना अधिकारी
योगी सरकार में कुशीनगर के फरियादियों की लाचारी,
मोबाइल पर व्यस्त दिखे पडरौना तहसील दिवस के अधिकारी
अमिट रेखा/पडरौना/कुशीनगर
कुशीनगर में योगी सरकार में जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित होने वाले तहसील दिवस में एक बार फिर लापरवाही की तस्वीर सामने आई हैं विभिन्न तहसीलों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन सूत्रों का आरोप है कि है।कुशीनगर जिले के पडरौना तहसील में पिछले 21 फरवरी को होने वाले तहसील दिवस पर पडरौना उप जिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकार पडरौना मोबाइल में व्यस्त नजर आ रहे है फरियादियों की बात सुनने के बजाय मोबाइल फोन कों चलाते नजर आए अधिकारी ।
सूत्रों मुताबिक स्थानीय लोगों का कहना है कि कुशीनगर जनपद के तहसील दिवस पडरौना में हम अपनी फरियाद लेकर दूर-दराज गांवों से आते है और आने वाले फरियादियों में बुजुर्ग,महिलाएं और कितने घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहते है।गांव देहात के गरीब तबका अपनी फरियाद को समाधान हेतु लेकर आती है लेकिन ऐसी तस्वीरें उनके दिलों को झकझोर देती है कि काश साहब का फोन न होता तो हमारा काम हो जाता,कुछ फरियादियों ने यह भीआरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और केवल औपचारिकता निभाकर आवेदन स्वीकार कर लिया गया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में तहसील दिवस का उद्देश्य राजस्व, पुलिस, विकास और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। लेकिन कुशीनगर में सामने आई यह तस्वीर प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। कि लोग अपने फरियाद कि समाधान के लिए कई घंटो से लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी आने का इन्तेजार करते रहते है और फोटो खुद ब खुद गवाही दे रहा है कि तहसील दिवस पर तहसील के मुखिया उप-जिलाधिकारी एवं पुलिस बिभाग के क्षेत्राधिकार पडरौना ही मोबाइल में ब्यस्त है तो बाकि कर्मचारियों का क्या हाल होगा यही है योगी सरकार का फरमान जीरो टालरेंस पर फरियादियो का समाधान !
फरियादियों का कहना है कि यदि अधिकारी ही मोबाइल में व्यस्त रहेंगे तो आम जनता अपनी पीड़ा किससे कहे? कुछ लोगों ने जिला प्रशासन से पडरौना तहसील दिवस की कार्यप्रणाली की समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेता है या फिर फरियादियों की लाचारी यूं ही अनसुनी रह जाएगी।