ओपेन जीम उखाड़ कर करा रहे अन्नपूर्णा भवन का पक्का निर्माण कार्य ,सरकार की भारी क्षति
अमिट रेखा /राधेश्याम शास्त्री/दुदही ब्लॉक/ कुशीनगर
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना चाहे मनरेगा योजना हो, राज्य बित्त हो, केन्द्रीय वित्त हो,चाहे पन्द्रहवां वित्त योजना हो, विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्य कराने का प्रधान/ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारियों को शासनादेश जारी किया गया है। कार्यो में पारदर्शिता से इमानदारी के साथ कार्य करना है। जिसमें मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना,एस एल, डब्ल्यू एम, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण योजना बित्तीय बर्ष 2024-25 में स्वीकृत परियोजनाओं पर सामग्री प्रथम श्रेणी इंट,इंट की गिट्टी,सिमेट, मोरंग बालू , सफेद बालू,सरिया,पत्थर की गिट्टी,इंटरलाकिंग ईंट, पेंट, प्राइमर,समोसन, ह्यूम पाईप,टायल्स, इंडिया मार्का -टू हैंण्डपम मरम्मत,रिबोरमैटेरियल, प्लास्टिक बैग डस्टबिन, भरकम, प्रोफाइल सीट, ई-रिक्शा (गारवेजर),आर ०सी०सी०,बैग, डेस्क,सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपेन जीम सामग्री,झूला, पंचायत सचिवालय स्थापना सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री (सी सी कैमरा), व्हील चेयर, डिजीटल कैमरा, पार्किंग मसीन
आदि की आवश्यकता हेतु जिस पर निविदा आमंत्रित की जाती है'। आपूर्ति कर्ता को भुगतान तकनीकी सहायक,अवर अभियंता द्वारा सामग्री की गुणवत्ता प्रमाणित होने तथा मापन होने के उपरान्त किया जाता है।
मालूम हो कि जनपद के दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में सोख्ता निर्माण कार्य, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर व मरम्मत कार्य, कुएं की सुन्दरीकरण व मरम्मत कार्य, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय मरम्मत कार्य जैसे नाम पर सरेआम फर्जी वाड़ा और भ्रष्टाचार का अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल जब सरकार की विकास परियोजनाओं की गिनती कराने की प्रेषर होती है तब अधिकारी स्वयं भागते -फिरते और चौपाल का आयोजन करते दिख जाते हैं------लेकिन वहीं सवाल कि आखिर में डिप्लोमैट आफिसर/अधिकारी भी ज्यादातर नेता, मंत्रियों के समान सिर्फ बरसाती मेंढक की तरह क्यों दिखाई देते हैं। ज़िले के जिम्मेदार सहित ब्लाक स्तर के जिम्मेदारों को लगता है कि उनकी कुर्सी उन्हें छोड़ ही नहीं रही ताकि जमीनी स्तर पर पहुंच कर विकास की नैया पर जरा ध्यान दे सके कि आखिर ग्राउंड पर समुचित विकास हो भी रहा है कि सिर्फ कागजों पर। मालूम हो कि जनपद के तहसील -तमकुहीराज के दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के
विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा सफाई योजना के तहत कराए जा रहे पोखरे की सुन्दरीकरण खुदाई कार्य में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है । ग्राम प्रधानों पर आऱ़ोप है कि वास्तविक मजदूरों से काम कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाकर मस्टररोल भरने की खानापूर्ति की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौके पर कम मजदूरों से काम कराकर बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्शा कर भुगतान की प्रक्रिया चलाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ दिनों से सिर्फ फ़ोटो शूट के लिए मजदूरों को बुलाया जाता है, जिससे योजना का उद्देश्य और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी रोजगार योजना के तहत चल रहे इस काय॔ में भारी अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे क्यों बैठे हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी इस घोटाले को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं
दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त(धर्मपुर खुर्द ) में j m d,, मार्का दोयम दर्जे की ईंट व गांवों में नरेगा से बन रही सड़क और अन्य कार्यों में मैटेरियल की भारी अनियमितता की गई है। तथा किया जा रहा है। दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में नरेगा योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर पब॔त में बन रही अन्नपूर्णा भवन में घटिया ईंटों और निम्न स्तर के मैटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे भवन की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्यों में पुराने ईंटों का इस्तेमाल (प्रयोग) किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर म़ोरंग व बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। अन्न पूर्णा भवन और छठ घाट के सुन्दरीकरण ँकाय॔ में भी घटिया मैटेरियल का प्रयोग किया गया है।लेवलिंग ग़लत हैऔर मोरंग की जगह मिट्टी डाली गयी है गांव के लोगों का कहना है।इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की। खुली लूट हो रही है।जबकि गांव का विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाये जा रहे हैं।
सबसे आश्चर्यजनक की बात है कि ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में अभी बिगत वर्षों में बिगत वित्तीय वर्ष सन् २०२१ से२०२४के दौरान लाखों रुपए के लागत से ओपेन जीम का निर्माण कराया गया था।लगा था। लेकिन वर्षों समय बीतते ही रूपयों की हवश में सारी सामग्री मौके से उखाड़ कर फेंक दिया गया। तथा उसी जगह पर पुनः दोयम दर्जे के इंट से लाखों रुपए के सरकारी धन से विभिन्न मैटेरियल सामग्रियों द्वारा शासनादेश का खुला उलंघन करके अन्नपूर्णा भवन का पक्का निर्माण कराया जा रहा है,जो अनुचित है। तथा शासनादेश के विरूद्ध है। यही नहीं ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में पंचायत भवन के सुन्दररी करण व मरम्मत कार्य के नाम पर लाखों रुपए का बंदरबांट किया गया है। ज्ञातव्य रहे कि जिस पंचायत भवन का सुन्दरीकरण व मरम्मत कार्य दिखाया गया है उस पंचायत भवन का दिवाल व पक्का भवन का छत फटा हुआ दिखाई दे रहा है। जो खतरे की आशंका बनी हुई है। भविष्य में कभी भी कोई घटना घट सकती है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि पंचायत भवन के सटे पुरब तरफ़ सामुदायिक शौचालय का पक्का निर्माण कार्य कराया गया है। सड़क से सामुदायिक शौचालय जाने के मुख्य रास्ते पर इटरलांकिंग कार्य कराया गया है, जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। गुणवत्ता खराब है क्योंकि इंटर लाकिंग पर घास -फूस उगे हुए हैं। यक्ष प्रश्न है क्या पत्थर इंटरलाकिंग कै उपर घास फूस उग सकता है?
यही नहीं सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में भिड़ंत बर्ष सन् २०२१ से लगायत २०२५ के दौरान लाखों की लागत से मां भगवती डमूर स्थान से दक्षिण धर्मपुर पब॔त की तरफ जाने वाली पीच सड़क के सटे पश्चिम में नरेगा योजना के अन्तर्गत लाखों रुपए से कराये गये पक्का मनरेगा पार्क निर्माण कार्य (खेल का मैदान)की चाऱ़ोंतरफ से पक्की बाउन्डी वाले कराया गया है। वर्तमान समय में इस समय पक्का दिवाल टूट कर ध्वस्त हो गया है।
पार्क के अन्दर का ब्रैच का कोई अता-पता नहीं है। संग सिर्फ मौके पर तीन की संख्या में दिखाई दे रहा है। जिससे ग्राम सभा को लाखों रुपए का भारी नुक्सान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से बने मनरेगा पार्क कैसे टूट कर ध्वस्त हो गया है। नरेगा से बने मनरेगा पार्क खेल का मैदान व अन्य कार्यों में भी मटेरियल की भारी अनियमितता की गई है। मनरेगा योजना के तहत हो रहा विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उपरोक्त पार्क में घटिया ईंट, सिमेट,छड़,बालू, गिट्टी आदि प्रयोग, इस्तेमाल व निम्न स्तर का सफेद बालू का प्रयोग किया गया है,व निमार्ण स्थल पर मोरंग व बालू की गुणवत्ता भी बेहद ख राब है। इसको लेकर स्थानीय ग्राम सभा के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त लाखों रुपए की
लागत से कराये गये घटिया निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट कर लिया गया है।जो निष्पक्ष व निभी॔क रूप से जांच का विषय है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान व सचिव द्वारा उक्त कार्यों में घटिया मेटेरियल का प्रयोग कर धनका बंदरबांट किया जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि कार्य योजना के नाम पर बड़ी धनराशि उठाई गयी है। लेकिन ज्यादातर काय॔ या तो अधूरे हैं या बिल्कुल शुरू नहीं किए गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में हर बार विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सड़क निर्माण में ईंटें टूट रही है सेवलिंग ग़लत है।और मोरंग की जगह मिट्टी डाली गयी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की खुली लूट हो रही है।जबकि गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाये जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि जो नरेगा योजना से पाक॔ का निर्माण कार्य कराया गया है उसकी नींव की खुदाई व मेटेरियल कम है।नींव की खुदाई,जोड़ाई उसमें मेटेरियल की मात्रा कम होने के कारण दिवाल टूट कर ध्वस्त हो गया।। जिससे सरकार का लाखों रुपए का भारी नुक्सान हो रहा है। उक्त पाक॔ का निर्माण कार्य गांव के प्रधान प्रतिनिधि सहित बिगत वित्तीय वर्ष में काय॔रत ग्राम पंचायत सचिव द्वारा गांव सभा में कराये गये निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की शिकायतों पर गम्भीरता से ध्यान न देने से यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार की गंगा ऊपर से नीचे की ओर बढ़ गई है भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी कुंभ कणी॔ निद्रा में निमग्न हो आकंठ भ्रष्टाचार में डूबतै जा रहे हैं।न कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है और न ही कोई काय॔वाही करने वाला दिखाई दे रहा है। सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। काश! ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में नरेगा योजना के तहत हो रही विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल स्थानीय शासन व्यवस्था केलिए एक बड़ी चुनौती बन गई है ग्रामीण की नाराज़गी यह दशा॔ती है कि पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य ग्रामीण विकास कहीं पीछे छूटता जा रहा है। यही नहीं पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय में जाने वाले खड़ंजा का घटिया निर्माण कार्य कराया गया है। जहां पर इंटर लाकिग के ऊपर घास फूस उग गया है। दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के उक्त ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त ग्राम सभा में किये जारहे घटिया निर्माण कार्य कार्य का जीता जागता प्रमाण है चाहे आर आर सी सेंटर, चाहें आर सी सी सेंटर, चाहें आंगनबाड़ी केंद्र,चाहे मनरेगा कार्य चाहे अन्न पूर्णा भवन, चाहे ओपेन जीम, चाहे छठ घाट का सुन्दरीकरण, चाहे खड़ंजा निर्माण कार्य, मरम्मत कार्य, चाहें पंचायत भवन, चाहें इंटर लाकिग, कार्य का जीता जागता प्रमाण है। जो निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच पड़ताल कर कार्यवाही आवश्यक है अब देखना है कि आगे क्या गुल खिलता है।
निष्पक्ष जांच -पड़ताल तकनिकी सहायक/अवर अभियंता पी डब्लू डी/लोक निर्माण विभाग से मौके पर नींव की गहरी खुदाई, ऊंचाई, चौड़ाई, लम्बाई,सिमेट की मात्रा,काम की गुणवत्ता की निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच पड़ताल कराकर आवश्यक विधिक कार्रवाई करना आवश्यक है।