स्वतंत्रता सेनानी पिता की याद में हर साल सपा नेता चंद्रभूषण बांटते हैं कम्बल

Dec 10, 2025 - 18:11
 0
स्वतंत्रता सेनानी पिता की याद में हर साल सपा नेता चंद्रभूषण बांटते हैं कम्बल

स्वतंत्रता सेनानी पिता की याद में हर साल सपा नेता चंद्रभूषण बांटते हैं कम्बल

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में माता -पिता की महत्ता पर होती है चर्चा

पुरखों की स्मृति में गरीबों की मदद ही वास्तविक श्राद्ध है

अमिट रेखा /जीतेन्द्र कुमार श्रीवास्तव/ रामपुर कारखाना/कुशीनगर 

सन 2000 से अपनी स्मृतिशेष माता कौलेश्वरी यादव के स्मृति दिवस पर एवं पिता रामपति सिंह यादव जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ,डुमरी के पूर्व ग्राम प्रधान व समाजवादी नेता रहे हैं,की याद में प्रत्येक वर्ष 13 दिसंबर को डुमरी चौराहे पर समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव द्वारा गरीबों में कम्बल वितरण,सम्मान समारोह एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया जा रहा है जो एक अनुकरणीय कार्य है।
       ऐसे समय में जब सामाजिक रिश्ते तार -तार हो रहे हैं,अखबारों की सुर्खियों में ये खबरें आम हो रही हैं कि बेटों ने मां की अंत्येष्टि से किया इंकार तो भाई ने भाई की लाश जलाने से किया मना,सपा नेता अपने स्मृतिशेष माता -पिता की याद में प्रत्येक वर्ष कम्बल वितरण व श्रद्धांजलि सभा कर वास्तविक श्राद्ध कर रहे हैं,निःसंदेह सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है।
       सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव से अपने माता -पिता की याद में अपने क्षमतानुसार कम्बल बांटने व श्रद्धांजलि सभा करने पर जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि वैसे तो मैं नास्तिक हूं लेकिन यदि कहीं कोई ईश्वर नाम की संस्था है तो वह मेरी समझ से हमारे माता -पिता हैं जिन्होंने हमें इस दुनिया में लाने से लेकर जवान करने और समाज में जीने लायक बनाने का कार्य किया है इसलिए यदि कुछ करना है तो उनकी याद में किया जाना चाहिए।
       सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने बताया कि उनके पिता रामपति सिंह यादव 1942 में मिडल में पढ़ते वक्त बाबू राम नयन सिंह (तत्कालीन कांग्रेस नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी) के संपर्क में आकर पढ़ाई छोड़ कांग्रेस के आजादी के आंदोलन में कूद गए जिस कारण हमारे घर में आग लगाई गई और पिताजी को गिरफ्तार कर कुशीनगर के निर्माणाधीन हवाई अड्डा के अस्थाई जेल में बंद कर कोड़े की सजा दी गई।आजादी के बाद डा लोहिया के सानिध्य में रहते हुए मेरे पिता कलकत्ता के ट्राम कंपनी में ट्राम मजदूर पंचायत का गठन कर उसके सेक्रेटरी बन मजदूरों की लड़ाई लड़े।1970 में ट्राम की नौकरी छोड़ उन्होंने गांव में प्रधान बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,क्षेत्र समिति कार्यालय,पशु अस्पताल,सहकारी समिति कार्यालय आदि का निर्माण करवाये।
       सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने बताया कि मेरे पिता स्वतंत्रता सेनानी थे लेकिन यूपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित संपूर्णानंद को यह पत्र लिख कर कि हमने किसी पेंशन या पारितोषिक के लिए आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी है,सेनानी पेंशन और लखीमपुर में कृषि फार्म लेने से इनकार कर दिया था। वे मुफलिसी में जिए लेकिन वसूलों से समझौता न करते हुए मुझे खेत बेचकर उच्च शिक्षा दिलाए जिसके चलते मैं सरकारी मास्टर बन सका।मेरी माता ने भी पिता के कदम में कदम मिलाकर उनका भरपूर साथ दिया इसलिए मैं ऐसा मानता हूं कि मेरे ईश्वर मेरे माता - पिता हैं जिनको मैं प्रत्येक वर्ष कम्बल वितरण के बहाने याद करते हुए उपस्थित रहने वाले लोगों से यह अनुरोध करता हूं कि वे माता- पिता का अनादर नहीं बल्कि आदर करें क्योंकि हम सबका वजूद किसी अदृश्य शक्ति के कारण नहीं अपने माता - पिता की बदौलत है।
       प्राप्त सूचना के अनुसार इस वर्ष 13 दिसंबर 2025 को डुमरी में आयोजित इस कार्यक्रम में सलेमपुर के पूर्व विधायक एवं लोकतंत्र सेनानी सुरेश यादव मुख्य अतिथि , पूर्व राज्य मंत्री एवं भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार - कुशीनगर के विहाराधिपति भंते महेंद्र विशिष्ट अतिथि रहेंगे एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।