साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा: दो अभियुक्त गिरफ्तार, लैपटॉप–मोबाइल  बरामद

Dec 9, 2025 - 18:42
Dec 9, 2025 - 18:43
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साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा: दो अभियुक्त गिरफ्तार, लैपटॉप–मोबाइल  बरामद

साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा: दो अभियुक्त गिरफ्तार, लैपटॉप–मोबाइल  बरामद

अमिट रेखा/ राजधारी प्रसाद 

भटहट/ गोरखपुर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर लगाम कसने के लिए गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त ऑनलाइन गेमिंग और फेयर प्ले सट्टेबाजी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 06 लैपटॉप, 03 मोबाइल फोन, 04 लैपटॉप चार्जर, 04 हेडफोन और 04 माउस बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ये लोग साइबर फ्रॉड में करते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों में राकेश प्रजापति (35 वर्ष) निवासी नारायणपुर टोला हीरागंज तथा जाने आलम (32 वर्ष) निवासी आराजी चिलबिलवा भटहट शामिल हैं। दोनों को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने  गुलरिहा प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में 07 दिसंबर  की रात करीब 8:45 बजे मदरहवा पुल के पास से दबोच लिया।

थाना गुलरिहा में दर्ज मुकदमा संख्या 1038/2025 के वादी विजय चौहान की तहरीर के अनुसार, अभियुक्तों ने उन्हें अपने गिरोह के माध्यम से म्यूल बैंक खाते खुलवाने में इस्तेमाल किया और इन्हीं खातों में ऑनलाइन सट्टे एवं गेमिंग प्लेटफार्म फेयर प्ले 247 से जुड़ी मोटी रकम ट्रांसफर कराते थे। विवेचना में यह भी सामने आया कि अभियुक्तों ने विजय चौहान के नाम से आईडीएफसी बैंक गुलरिहा और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक रोड में खाते भी खुलवाए थे।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राकेश और जाने आलम भोले-भाले लोगों को झांसा देकर बैंक में म्यूल अकाउंट खुलवाते थे। इस कार्य में इनके सहयोगी कमलेश (गाजीपुर निवासी) व सुजीत दूबे (बैंक कर्मचारी) भी शामिल थे। इनके द्वारा कुल 6 और म्यूल खाते खुलवाए गए, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे और साइबर धोखाधड़ी में किया जा रहा था।

गिरोह ने खजांची रोड स्थित इंद्रा हॉस्पिटल के नीचे बेसमेंट में ‘कौशल्या इन्वेस्टमेंट’ के नाम से एक कॉल सेंटर भी खोल रखा था, जहाँ लड़कियों को नौकरी का लालच देकर कॉलिंग का काम कराया जाता था। कॉल सेंटर से लोग फेयर प्ले 247 के लुभावने ऑफर देकर सट्टा लगाने के लिए प्रेरित किए जाते थे। इन खातों से रोजाना 10 से 15 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाता था।

पीलीभीत में इनके साथी विक्की पंडित की गिरफ्तारी के बाद गिरोह ने कॉल सेंटर बंद कर फरार होने की तैयारी की, लेकिन गुलरिहा पुलिस ने समय रहते इन्हें धर दबोचा। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में कानूनी कार्रवाई जारी है।