एलडीए की योजनाओं में अब एक परिवार खरीद सकेगा दो प्लॉट, नियमों में बदलाव की तैयारी
अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अपनी आवासीय योजनाओं में संपत्ति आवंटन के नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के तहत एक व्यक्ति या परिवार को एक के बजाय अधिकतम दो आवासीय भूखंड खरीदने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को एलडीए बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
वर्तमान नियमों के अनुसार, एक परिवार को केवल एक आवासीय भूखंड लेने की अनुमति है। यदि एक ही परिवार के नाम पर दूसरा प्लॉट आवंटित हो जाता है, तो उसका आवंटन निरस्त करने और पंजीकरण राशि जब्त करने का प्रावधान है। अलग-अलग रहने वाले परिवार के सदस्यों को इस नियम से होने वाली दिक्कतों को देखते हुए बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
दो प्लॉट और एक फ्लैट लेने की मिल सकती है अनुमति
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, एक परिवार को अधिकतम दो प्लॉट और एक फ्लैट खरीदने की छूट मिल सकती है। इस तरह एक परिवार के पास कुल तीन आवासीय संपत्तियां हो सकेंगी। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एलडीए बोर्ड की मंजूरी जरूरी होगी।
आईटी सिटी योजना के शुभारंभ की तैयारी
एलडीए सौमित्र विहार आवासीय योजना के साथ आईटी सिटी योजना को भी शुरू करने की तैयारी में जुटा है। इसके शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया है। योजना के कुछ आवंटियों को मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन पत्र वितरित करने की भी योजना है।
वरुण विहार और नैमिष नगर के लिए बढ़ेगा बजट
एलडीए वरुण विहार और नैमिष नगर योजनाओं के लिए भूमि खरीद बजट में भी बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 3,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। बजट में वृद्धि होने से किसानों को मुआवजा देकर अधिक जमीन खरीदी जा सकेगी। इससे दोनों आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
बल्क में जमीन खरीदने वालों को खुद विकसित करनी होंगी सुविधाएं
एलडीए की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं का विकास स्वयं करना होगा। इसमें सड़क, पार्क, बिजलीघर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), सीवर लाइन, पेयजल लाइन और पानी की टंकी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ऐसे मामलों में एलडीए इन सुविधाओं को विकसित करके उपलब्ध नहीं कराएगा।