एम्बुलेंस पायलटों को मिला विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षित ड्राइविंग और निःशुल्क सेवा पर दिया गया जोर
एम्बुलेंस पायलटों को मिला विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षित ड्राइविंग और निःशुल्क सेवा पर दिया गया जोर
अमिट रेखा/ राजधारी प्रसाद
गोरखपुर। जिला अस्पताल गोरखपुर में एम्बुलेंस सेवा को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एम्बुलेंस पायलटों और मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लखनऊ से आई विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया और एम्बुलेंस कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मरीजों को समय पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना, आपात स्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेना तथा एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा। लखनऊ से आई टीम ने एम्बुलेंस पायलटों को सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संयम व सतर्कता बरतने की जानकारी दी। इसके साथ ही मरीजों को एम्बुलेंस में स्थानांतरित करते समय प्राथमिक उपचार, उपकरणों के सही उपयोग और जीवनरक्षक तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह निःशुल्क है और इसका लाभ समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीज या उनके परिजनों से किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि एम्बुलेंस सेवा आमजन के लिए जीवनरक्षक सुविधा है।
इस कार्यक्रम में ऑपरेशन हेड विभूति सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने उपस्थित एम्बुलेंस पायलटों और एमटी को संबोधित करते हुए कहा कि एम्बुलेंस सेवा जनता की जीवनरेखा है और इसमें कार्यरत प्रत्येक कर्मी की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील होती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग, समयबद्ध सेवा, अनुशासन और मानवीय व्यवहार ही एक बेहतर एम्बुलेंस सेवा की पहचान है। उन्होंने टीमवर्क पर जोर देते हुए कहा कि पायलट और एमटी के बीच बेहतर समन्वय से ही मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी बताया और कहा कि उन्हें अपने कार्य के दौरान कई नई और व्यावहारिक जानकारियां मिली हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि सीखी गई बातों को अपने दैनिक कार्य में लागू कर मरीजों को और बेहतर, सुरक्षित व संवेदनशील सेवाएं प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिला अस्पताल की एम्बुलेंस सेवा को नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।