संघर्ष से स्टारडम तक: गोरखपुर के विशाल ने IPL में रच दिया इतिहास
संघर्ष से स्टारडम तक: गोरखपुर के विशाल ने IPL में रच दिया इतिहास
राज मिस्त्री का बेटा खेलेगा इंडियन प्रीमियर लीग
अमिट रेखा/ विनीत कुमार
गोरखपुर। गोरखपुर के लिए यह पल गर्व और गौरव से भरा हुआ है। साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से निकलकर गोरखपुर के युवा क्रिकेटर विशाल निषाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चयनित होकर न सिर्फ अपने सपनों को उड़ान दी है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन गए हैं। आईपीएल ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने विशाल निषाद को उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया, जिससे पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई।
21 वर्षीय विशाल निषाद एक राइट आर्म मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज हैं, जो अपनी घातक और चकमा देने वाली गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। वह राजघाट थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद लहसड़ी गांव के निवासी हैं। विशाल का परिवार बेहद साधारण है। उनके पिता उमेश निषाद पेशे से राजमिस्त्री हैं, जबकि माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। सीमित आय और कठिन हालात के बावजूद विशाल ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया।
आर्थिक तंगी के चलते विशाल को कई बार अपने पिता के साथ मजदूरी के काम में हाथ बंटाना पड़ा, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। उनकी लगन और मेहनत को देखते हुए पिता ने साहसिक निर्णय लेते हुए सीमित संसाधनों में भी बेटे को क्रिकेट प्रशिक्षण दिलाया। क्रिकेट अकादमी की फीस, किट और आने-जाने का खर्च परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन माता-पिता के अटूट विश्वास और संघर्ष ने विशाल को आगे बढ़ने की ताकत दी।
विशाल ने यूपी-टी20 लीग में गोरखपुर लायंस की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उन्होंने अनुभवी बल्लेबाज नीतीश राणा को आउट कर अपनी मिस्ट्री स्पिन का लोहा मनवाया। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि आईपीएल ऑक्शन में उन पर जरूर बोली लगेगी, जो अब सच साबित हुई।
वर्तमान में विशाल संस्कृति क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें कोच कल्याण सिंह का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच का कहना है कि विशाल में एक बड़े स्तर का खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले समय में वह पंजाब किंग्स के लिए एक प्रभावशाली गेंदबाज साबित हो सकते हैं।
जैसे ही आईपीएल में चयन की खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। लोगों ने मिठाइयां बांटी, ढोल-नगाड़े बजे और विशाल की सफलता को संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की जीत बताया। आज विशाल निषाद न सिर्फ गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए यह संदेश हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।