आपदा की मार पर योगी का वार! मुआवजा दोगुना, पीड़ित परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

Nov 6, 2026 - 20:00
Nov 6, 2026 - 20:04
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आपदा की मार पर योगी का वार! मुआवजा दोगुना, पीड़ित परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

 प्राकृतिक आपदा में मौत पर अब 8 लाख रुपये मुआवजा, फसल नुकसान की सहायता भी बढ़ी  

 

योगी सरकार ने दोगुनी की मृतक आश्रितों को मिलने वाली राहत राशि, किसानों को फसल क्षति पर मिलेगा 30 प्रतिशत तक अधिक मुआवजा   

 

अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए सहायता राशि के मानकों में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता चार लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी है। इसके साथ ही फसल, कृषि भूमि, पशुधन और मकानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी राहत राशि में बढ़ोतरी की गई है।

 

मृतक के परिवार को अब मिलेंगे 8 लाख रुपये

 

नई व्यवस्था के तहत प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की जान जाने पर उसके आश्रित परिवार को पहले की तुलना में दोगुनी सहायता मिलेगी। पहले जहां चार लाख रुपये दिए जाते थे, वहीं अब आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इससे आपदा में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।

 

फसल नुकसान पर 30 प्रतिशत तक बढ़ी सहायता

 

सरकार ने किसानों को राहत देते हुए फसल क्षति पर मिलने वाली सहायता राशि में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की है। संशोधित दरों के अनुसार सिंचित क्षेत्र में फसल बर्बाद होने पर अब 17 हजार की जगह 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे। वहीं वर्षा आधारित खेती में नुकसान होने पर सहायता राशि 8,500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।

 

बागवानी एवं कृषि वानिकी की फसलों को नुकसान पहुंचने पर सहायता 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। कृषि भूमि से गाद हटाने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जमीन को हुए नुकसान पर भी सहायता राशि के मानकों में वृद्धि की गई है।

 

पशुधन के नुकसान पर भी बढ़ा मुआवजा

 

प्राकृतिक आपदा में पशुओं की मौत होने पर पशुपालकों को भी अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए सहायता चार हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 100 की जगह 130 रुपये की सहायता मिलेगी।

 

मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलेगी अधिक मदद

 

आपदा के कारण मकानों को होने वाले नुकसान के लिए भी नए राहत मानक तय किए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 1.85 लाख रुपये तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी अलग-अलग सहायता राशि का प्रावधान किया गया है।

 

10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ

 

राहत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुई हैं। सरकार ने संशोधित राहत मानकों के तहत इस अवधि में हुए नुकसान को भी शामिल किया है। नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे।

 

सरकार की इस व्यवस्था के तहत आपदा प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों को पहले की अपेक्षा अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

Akhilesh Rai कार्यकारी संपादक अमिट रेखा हिंदी दैनिक समाचार पत्र