UGC नियमों पर सस्पेंस बरकरार, सुप्रीम कोर्ट से फिर मिली अगली तारीख

Nov 6, 2026 - 05:31
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UGC नियमों पर सस्पेंस बरकरार, सुप्रीम कोर्ट से फिर मिली अगली तारीख

UGC के विवादित नियमों पर फिर टली सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिला फैसला; चार सप्ताह बाद अगली तारीख

अखिलेश राय, कार्यकारी सम्पादक (अमिट रेखा) : नई दिल्ली। उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से बनाए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद एक बार फिर सुनवाई हुई, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

दरअसल, UGC के नए नियमों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव की शिकायतों पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने इन नियमों पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई थी कि इनका दुरुपयोग सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के खिलाफ हो सकता है। इसी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में नियमों के अमल पर रोक लगा दी थी।

अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि सरकार 2026 के नियमों पर विचार कर रही है। वहीं, 5 नवंबर को हुई सुनवाई में उन्होंने कहा कि नियमों पर पुनर्विचार के लिए एक समिति गठित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह का समय निर्धारित कर दिया।

इस पूरे मामले ने केंद्र सरकार के सामने राजनीतिक और सामाजिक संतुलन की चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर नियमों में बदलाव नहीं होने पर सामान्य वर्ग की आपत्तियां सामने आ सकती हैं, तो दूसरी ओर नियमों में संशोधन या बदलाव से SC, ST और OBC वर्गों में असंतोष पैदा होने की आशंका है। ऐसे में सरकार के लिए सभी वर्गों की चिंताओं के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं दिख रहा है।

फिलहाल, UGC के विवादित नियमों पर अंतिम फैसला टल गया है और देशभर के विद्यार्थियों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। सवाल वही है—भेदभाव रोकने वाले नियमों पर सहमति कब बनेगी? फिलहाल तारीख पर तारीख का सिलसिला जारी है।

Akhilesh Rai कार्यकारी संपादक अमिट रेखा हिंदी दैनिक समाचार पत्र