51.25 रुपये किलो चीनी की बिक्री शुरू, आम उपभोक्ताओं को 60 रुपये में देने का दावा

Oct 17, 2026 - 20:32
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51.25 रुपये किलो चीनी की बिक्री शुरू, आम उपभोक्ताओं को 60 रुपये में देने का दावा

51.25 रुपये किलो चीनी की बिक्री शुरू, आम उपभोक्ताओं को 60 रुपये में देने का दावा

त्रिवेणी शुगर मिल रामकोला के कारखाना प्रबंधक मानवेंद्र राय ने किया शुभारंभ


फुटकर व्यापारियों को एक-एक कुंतल चीनी देने की व्यवस्था, आम ग्राहकों से अधिक

दिखे कारोबारी


सस्ती चीनी की पहल अच्छी, लेकिन 60 रुपये किलो में बिक्री की गारंटी कौन देगा?

अमिट रेखा संतराज यादव सहजनवा 

गोरखपुर।त्योहारों के मौसम में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से संजय सिंघानिया ने सस्ती दर पर चीनी उपलब्ध कराने की पहल की है। हुमायूंपुर दक्षिणी स्थित दुर्गाबाड़ी में संतोष शुगर एंड फूड मर्चेंट में सस्ती चीनी की बिक्री का शुभारंभ त्रिवेणी शुगर मिल, रामकोला के कारखाना प्रबंधक मानवेंद्र राय ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर संजय सिंघानिया ने बताया कि यहां चीनी 51.25 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। फुटकर व्यापारियों को एक-एक कुंतल चीनी दी जा रही है, ताकि वे इसे आम उपभोक्ताओं को 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेच सकें। उनके अनुसार, बाजार में अन्य दुकानदार चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं।
संजय सिंघानिया की यह पहल पहली नजर में आम लोगों को राहत देने वाली है। बाजार में जहां चीनी महंगी दरों पर बिक रही है, वहीं कम कीमत पर इसकी उपलब्धता से उपभोक्ताओं को फायदा मिल सकता है। लेकिन इस पहल के साथ एक अहम सवाल भी खड़ा होता है कि 51.25 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी खरीदने वाला फुटकर व्यापारी इसे 60 रुपये प्रति किलो में ही बेचेगा, इसकी क्या गारंटी है? यदि व्यापारी भी दूसरे दुकानदारों की तरह इसे अधिक कीमत पर बेचने लगे, तो सस्ती चीनी उपलब्ध कराने का उद्देश्य अधूरा रह सकता है।
कार्यक्रम के दौरान आम उपभोक्ताओं की तुलना में थोक और फुटकर कारोबारियों की संख्या अधिक दिखाई दी। इससे यह सवाल भी उठता है कि सस्ती चीनी की इस व्यवस्था का लाभ सीधे घरेलू उपभोक्ताओं तक कैसे पहुंचेगा। संजय सिंघानिया के मुताबिक, फुटकर व्यापारियों को एक-एक कुंतल चीनी दी जा रही है और उनसे उम्मीद है कि वे इसे 60 रुपये प्रति किलो की दर से जनता को बेचेंगे। लेकिन केवल उम्मीद के आधार पर यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि बाजार में चीनी निर्धारित दर पर ही उपलब्ध होगी।
गोरखपुर की साहबगंज थोक मंडी में चीनी का भाव करीब 62 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है, जबकि अन्य दुकानदारों द्वारा इसे 70 रुपये प्रति किलो तक बेचे जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में 51.25 रुपये प्रति किलो की दर पर चीनी उपलब्ध कराने की पहल कीमत के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फिर भी इस अंतर का लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए बिक्री की शर्तें स्पष्ट होना और वितरण व्यवस्था पर निगरानी जरूरी है।
संजय सिंघानिया ने सस्ती चीनी उपलब्ध कराने की पहल कर एक अच्छा प्रयास किया है, लेकिन इसकी सफलता इस बात से तय होगी कि आम जनता को वास्तव में 60 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी मिलती है या नहीं। फुटकर व्यापारियों को चीनी देते समय क्या उनसे निर्धारित खुदरा मूल्य पर बेचने की कोई शर्त रखी जा रही है, क्या बिक्री की निगरानी होगी और तय कीमत से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी—ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मिलना जरूरी है।सस्ती चीनी की बिक्री शुरू करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब 51.25 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदी गई चीनी निर्धारित कीमत पर ही बेची जाए। अन्यथा कम कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने की पहल का लाभ उपभोक्ताओं के बजाय बीच के कारोबारियों तक सीमित रह जाने की आशंका बनी रहेगी।