इंद्रप्रस्थ पुरम में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, 3000 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
इंद्रप्रस्थ पुरम में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, 3000 श्रद्धालुओं
ने ग्रहण किया महाप्रसाद
2019 से चली आ रही श्रीवास्तव परिवार की गणेश चतुर्थी
परंपरा ने 2026 में लिया भव्य रूप, डांडिया नाइट से लेकर
भंडारे तक दिखा आस्था और उत्साह का संगम
अमिट रेखा/सईद आलम खान/गोरखपुर
इंद्रप्रस्थ पुरम में श्रीवास्तव परिवार की ओर से वर्ष 2019 से आयोजित किया जा रहा गणेश चतुर्थी महोत्सव-2026 इस बार भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का केंद्र बना। पांच दिवसीय इस आयोजन में कॉलोनी के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गणपति बप्पा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना किया।
महोत्सव की शुरुआत नितिन मोहन श्रीवास्तव एवं कृति श्रीवास्तव के संकल्प से वर्ष 2019 में हुई थी। धीरे-धीरे यह आयोजन परिवार तक सीमित न रहकर पूरे समुदाय को जोड़ने वाला उत्सव बन गया। श्रद्धालु अपने साथ मोदक लेकर पहुंचे और भजन-कीर्तन में शामिल होकर बप्पा की आराधना की।
इस वर्ष आयोजित विशाल भंडारे में करीब 3000 लोगों ने गणपति बप्पा का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों के अनुसार हर वर्ष श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ रही है और महोत्सव लगातार अधिक व्यापक एवं भव्य होता जा रहा है।
गायत्री देवी श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को आयोजन के लिए अथक मेहनत करते और पूरे समुदाय को एक साथ जोड़ते देखकर उनका हृदय आनंद से भर जाता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफलता और समृद्धि की शुभकामनाएं दिया।
वहीं कृति श्रीवास्तव ने कहा कि बप्पा की पूजा और आयोजन की व्यस्तता में पांच दिन कब बीत गए, इसका पता ही नहीं चला। उन्होंने पूरे आयोजन के दौरान मिले लोगों के प्रेम और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
महोत्सव के समापन पर गणपति बप्पा का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया गया। आयोजकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और व्यापक रूप देने का प्रयास जारी रहेगा।