विराट किसान मेला के द्वितीय दिवस पर किसानों को संतुलित उर्वरक, प्राकृतिक खेती एवं फार्मर रजिस्ट्री के प्रति किया गया जागरूक
अमिट रेखा /प्रदीप कुमार श्रीवास्तव/ कुशीनगर
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय “विराट किसान मेला” का आयोजन आज ब्लॉक संसाधन केन्द्र, पड़रौना में किया गया। मेले के द्वितीय दिवस पर किसानों को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल एवं लाभकारी कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अतीन्द्र सिंह, उप कृषि निदेशक,द्वारा धरती बचाओ अभियान के अंतर्गत किसानों से अपील की गई कि वे फसलों में संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें तथा पराली न जलाकर उसमें यूरिया का छिड़काव कर जुताई कराएं, जिससे प्राकृतिक रूप से जैविक खाद तैयार हो सके और भूमि की उर्वरता बनी रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के सभी किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बाधित हो सकती है तथा भविष्य में बीज, उर्वरक एवं कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान भी उपलब्ध नहीं हो सकेगा।
किसान भाइयों को अवगत कराया गया कि गन्ने के साथ सहफसली खेती हेतु उड़द एवं मूंग का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके लिए टोकन 31 जनवरी 2026 तक काटे जाएंगे। बसंतकालीन गन्ने की बुवाई करने वाले किसानों से गन्ने के साथ सहफसली खेती अपनाने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में दामोदर सिंह, तकनीकी सहायक द्वारा चूहा नियंत्रण के उपाय बताए गए। वेकट रमन पाण्डेय, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (कृषि रक्षा) द्वारा प्राकृतिक खेती पर जानकारी दी गई।
डा. विनय कुमार मिश्र, वैज्ञानिक, स्व. बाबू गेदा सिंह गन्ना अनुसंधान संस्थान, सेवरही द्वारा बसंतकालीन गन्ना बुवाई पर तथा डा. वाई.पी. भारती, वैज्ञानिक द्वारा गन्ने में लगने वाले कीट एवं रोग नियंत्रण पर विस्तृत जानकारी दी गई।
उप कृषि निदेशक, कुशीनगर द्वारा पंकज कुमार सिंह, शिवपूजन पाण्डेय, श्री लल्ल यादव, राजाराम राव एवं अरुण कुमार सिंह को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल का वितरण किया गया।
विराट किसान मेला में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, एफ.पी.ओ. एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न विभागों एवं एफ.पी.ओ. द्वारा कृषि प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए।