सनातन धर्म का संरक्षण और संस्कारवान शिक्षा की महती आवश्यकता: आचार्य अभयानंद 

Jan 2, 2026 - 20:09
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सनातन धर्म का संरक्षण और संस्कारवान शिक्षा की महती आवश्यकता: आचार्य अभयानंद 

सनातन धर्म का संरक्षण और संस्कारवान शिक्षा की महती आवश्यकता: आचार्य अभयानंद 

अमिट रेखा/ जितेन्द्र कुमार 

गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग गोरखपुर के प्रांगण में  सनातन सेवाश्रम ट्रस्ट, गोरखपुर के पीठाधीश्वर  आचार्य अभयानंद  महाराज का सानिध्य आचार्य परिवार को प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में महाराज ने उपस्थित शिक्षकों (आचार्य परिवार) को संबोधित करते हुए सनातन धर्म के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।अपने संबोधन में धर्म की रक्षा हेतु कहा कि सनातन धर्म को बचाने का सबसे सशक्त माध्यम हमारी भावी पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। जब तक बच्चों में माता-पिता, गुरु और राष्ट्र के प्रति सम्मान रहेगा, धर्म सुरक्षित रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि धर्म केवल ग्रंथों में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार में दिखना चाहिए। पंच महायज्ञ, तिलक धारण, संध्यावंदन और अपनी संस्कृति पर गर्व करना ही सनातन की नींव को मजबूत करेगा।
 वर्तमान समय में युवाओं को सनातन मूल्यों के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व को समझाना आवश्यक है ताकि वे किसी भी प्रकार के भ्रम का शिकार न हों। महाराज  ने आचार्य परिवार से आह्वान किया कि वे केवल किताबी ज्ञान न दें, बल्कि स्वयं एक आदर्श प्रस्तुत करें, क्योंकि शिक्षक ही समाज का पथ-प्रदर्शक होता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ समापन शांति मंत्र से हुआ।  विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह  द्वारा सम्मान एवं भव्य स्वागत, संचालन आचार्य एस एन कुशवाहा द्वारा किया गया।            
इस अवसर पर सनातन सेवाट्रस्ट गोरखपुर के संयोजक प्रमोद दुबे, उपाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय ,कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष जितेंद्र  पाण्डेय , सांस्कृतिक प्रमुख हरीश हंस, एडवाइजर अविनाश उपाध्याय, मीडिया प्रभारी हिमांशु तिवारी जी विद्यालय के आचार्य और समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। महाराज श्री के वचनों ने पूरे परिसर में नई ऊर्जा और संकल्प का संचार किया। सत्र के अंत में आचार्य परिवार ने महाराज श्री के बताए मार्ग पर चलने और विद्यार्थियों में सनातन संस्कृति के बीज बोने का सामूहिक संकल्प लिया।