राजेश निषाद ने बताया पहले ही अपनी जमीन को बेच चुके हैं
अमिट रेखा/ जितेन्द्र कुमार
गोरखपुर । सिक्टौर निवासी मोतीचंद विश्वकर्मा पुत्र स्वर्गीय धनराज के द्वारा लगाए गए आरोप मैं एक नया मोड़ सामने आया है राजेश निषाद ने बताया कि वह अपनी जमीन को 2009 में बैनामा कर चुके हैं
अब केवल वह मेरी बनाने की जमीन को विवादित बनाने के नियत से शिफ्ट और निवासी सत्यनारायण निषाद से मिलकर झूठा आरोप लग रहे हैं आपको हम बता दें कि बीते दिन मोतीचंद विश्वकर्म ने आरोप लगाया था कि वह अपनी जमीन पर मालिकाना हक पाने के लिए बीते 6 वर्ष पहले मुकदमा किए हुए हैं लिए अभी तक उनको उनके बंटवारे की जमीन नहीं मिल पाई है लगातार शासन प्रशासन का दरवाजा खटखटाते रहते हैं लेकिन अभी तक उन्हें किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिला है बीते दिन जमीन की पैमाइश के लिए उप जिलाधिकारी सदर ने राजस्व टीम का गठित कर दिया लेकिन अभी तक टीम मौके पर नहीं पहुंची और ना ही किसी प्रकार का कोई उचित कार्रवाई किया गया वही जिस पर उनके द्वारा आरोप लगाया गया राजेश निषाद आज मीडिया कर्मियों के सामने आकर अपने पक्ष को रखते हुए बताया कि बीते 2009 में वह अपनी सड़क की जमीन का बैनामा कर चुके हैं इसके बाद बेवजह मेरी बनाने की जमीन पर विवाद खड़ा कर रहे हैं उनके साथ शिफ्ट और निवासी सत्यनारायण निषाद दे रहे हैं क्योंकि सत्यनारायण निषाद भी साढ़े छः डीसिल जमीन बैनामा लिया है उनकी नजर हमारे जमीन पर है इसलिए मोती चंद विश्वकर्मा को आगे कर विवाद खड़ा किए हुए हैं
राजेश निषाद ने बताया कि उक्त जमीन की पैमाइश पहले हो चुका है और उसमें मेरी जमीन को चिन्हित भी किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद बार-बार मोती चंद विश्वकर्मा और सत्यनारायण निषाद के द्वारा प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है बीते दिन मिस की टीम गठित हो गई है और पैमाइश करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आना चाह रहे हैं लेकिन उन लोगों के द्वारा बार-बार आनाकानी किया जा रहा है केवल उन लोग का मनसा है कि उक्त जमीन पर विवाद पैदा कर मुझे परेशान किया जाए हम शासन प्रशासन से न्याय के गुहार लगते हैं कि मुझे मेरी बैनामे की जमीन दिलाया जाएl