दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं पैसिफ इंस्टीट्यूट, ओडिशा के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर
अमिट रेखा//गोरखपुर
कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दूरदर्शी मार्गदर्शन में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय तथा पैसिफ इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्मोलॉजी एंड सेल्फोलॉजी (PICS), सागरा, संबलपुर, ओडिशा के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन तथा पैसिफ इंस्टीट्यूट की ओर से निदेशक प्रो. शिबेश कुमार जस पैसिफ ने हस्ताक्षर किए।
यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार एवं सतत संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा दृष्टि के अनुरूप है।
*समझौता ज्ञापन के प्रमुख उद्देश्य*
• शैक्षणिक सहयोग एवं व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहन।
• गुरुत्वाकर्षण, ब्रह्मांड विज्ञान एवं खगोल भौतिकी (Gravitation, Cosmology and Astrophysics) के क्षेत्रों में छात्र गतिशीलता एवं विज़िटिंग स्कॉलर कार्यक्रमों को बढ़ावा।
• दोनों संस्थानों के छात्रों एवं शिक्षकों के मध्य शैक्षणिक गतिविधियों एवं संयुक्त अनुसंधान पहलों को प्रोत्साहित करना।
• छात्र एवं शिक्षक विनिमय, इंटर्नशिप तथा संयुक्त अकादमिक कार्यक्रमों का संचालन।
• संयुक्त शोध प्रकाशन, अनुसंधान परियोजनाएं एवं अन्य शोध गतिविधियों को बढ़ावा।
• विज्ञान प्रसार गतिविधियों जैसे मोबाइल प्लेनेटेरियम शो, टेलीस्कोप निर्माण कार्यशालाएं, विज्ञान लोकप्रियकरण एवं करियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन।
• राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के समेकन के साथ ‘सेल्फोलॉजी’—स्व का वैज्ञानिक अध्ययन—के क्षेत्र में अकादमिक एवं शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा, जिससे विज्ञान संकाय, मनोविज्ञान विभाग एवं समाजशास्त्र विभाग को विशेष लाभ होगा। इस सहयोग का प्रमुख उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में वैज्ञानिक योगदान को सुदृढ़ करना है।
दोनों संस्थान छात्र एवं शिक्षक विनिमय को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों से जोड़ते हुए शैक्षणिक एवं शोध अंतराल को पाटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सहयोग नवोन्मेषी अनुसंधान अवसरों तथा संयुक्त कार्यक्रमों के लिए नए मार्ग प्रशस्त करेगा।
यह एमओयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने, संस्थागत साझेदारियों के विस्तार तथा प्रभावशाली सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शान्तनु रस्तोगी, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. अजय सिंह, निदेशक अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ डॉ. रामवंत गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अपरा त्रिपाठी तथा व्राटिनो टेक्नोलॉजी के निदेशक सचिन्द्र नाथ सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।