जनपद में “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान–2026” का शुभारंभ कल

Jan 30, 2026 - 19:48
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जनपद में “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान–2026” का शुभारंभ कल

30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान

अमिट रेखा/ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव/ कुशीनगर 

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद कुशीनगर में “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान–2026” का आयोजन 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक जनपद की समस्त ग्राम सभाओं, पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों, विशेष रूप से शहरी स्लम क्षेत्रों में किया जा रहा है। अभियान के सफल संचालन हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
30 जनवरी को राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस के अवसर पर ग्राम सभाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं ग्राम सभा प्रमुखों द्वारा कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता संदेश पढ़ा जाएगा तथा आमजन को कुष्ठ रोग के लक्षणों, उपचार एवं रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान कुष्ठ से प्रभावित अथवा उपचारित वरिष्ठतम व्यक्ति को ग्राम सभा द्वारा सम्मानित किया जाएगा, जिससे समाज में समानता एवं संवेदनशीलता का संदेश देना है, साथ ही आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) गतिविधियों के माध्यम से लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अभियान की थीम *भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें* को प्रमुखता से प्रचारित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित कर लोगों की शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों में चमड़ी पर लाल या तांबे रंग के दाग-धब्बे, सुन्नपन, हाथ-पैरों में सूखापन आदि शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग एमडीटी उपचार से पूरी तरह ठीक हो सकता है और एमडीटी की पहली खुराक से ही अधिकांश रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
इसके साथ ही 13 फरवरी तक चलने वाले कुष्ठ पखवाड़ा के दौरान हेल्दी कॉन्टेक्ट सर्वे एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे रोग की समय पर पहचान एवं उपचार को बढ़ावा मिलेगा।
डीएम का संदेश
जिलाधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि जनपद को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग साध्य है और इसके प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कुष्ठ रोग से जुड़े कलंक एवं भेदभाव को समाप्त करने में सहयोग करें और “भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें” के संकल्प को अपनाएं।