ग्राम पंचायतों में (मनरेगा जी राम जी योजना) सफाई योजना के तहत कराये जा रहे पोखरे ,छठ-घाठ की सुन्दरीकरण‌‌‌, खुदाई कार्य में भारी गड़बड़ी 

Jan 8, 2026 - 20:06
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ग्राम पंचायतों में (मनरेगा जी राम जी योजना) सफाई योजना के तहत कराये जा रहे पोखरे ,छठ-घाठ की सुन्दरीकरण‌‌‌, खुदाई कार्य में भारी गड़बड़ी 

ग्राम पंचायतों में (मनरेगा जी राम जी योजना) सफाई योजना के तहत कराये जा रहे पोखरे ,छठ-घाठ की सुन्दरीकरण‌‌‌, खुदाई कार्य में भारी गड़बड़ी 

अमिट रेखा /राधेश्याम शास्त्री/दुदही ब्लॉक/ कुशीनगर

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना चाहे मनरेगा योजना, चाहे राज्य बित्त योजना, चाहे केन्द्रीय वित्त योजना, चाहे पन्द्रहवां वित्त योजना हो विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विकास विकास कार्य कराने का प्रधान/ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारियों को शासनादेश जारी कर किया गया है। कार्यों में पारदर्शिता से इमानदारी के साथ कार्य करना है, जिसमें मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, एस एल डब्ल्यू एम, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण योजना में स्वीकृत परियोजनाओं पर सामग्री प्रथम श्रेणी इंट, इंट की गिट्टी, सिमेट, मोरंग बालू, सरिया पत्थर की गिट्टी, इंटरलाकिंग ईंट, पेंट, प्राइमर, समोसन, ह्यूम पाईप, टायल्स, इंडिया मार्का -टू हैंण्डपम मरम्मत, रिबोरमैटेरियल, प्लास्टिक बैग, डस्टबिन, भरकम, प्रोफाइल सीट, ई-रिक्शा गारवेजर, आर ०सी०सी०, बैग, डेस्क, सोलर स्ट्रीट लाइट,, ओपेन जीम सामग्री, झूला, पंचायत सचिवालय, स्थापना सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री (सी कैमरा), व्हील चेयर, डिजीटल कैमरा, पार्किंग मसीन आदि की आवश्यकता हेतु जिस पर निविदा आमंत्रित की जाती है। आपूर्ति कर्ता को भुगतान तकनीकी सहायक,अवर अभियंता द्वारा सामग्री की गुणवत्ता प्रमाणित होने तथा मापन होने के उपरान्त किया जाता है।
      मालूम हो कि जनपद के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में सोख्ता निर्माण कार्य, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर व मरम्मत कार्य, कुएं की सुन्दरीकरण व मरम्मत कार्य, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय मरम्मत कार्य जैसे नाम पर सरेआम फर्जी वाड़ा और भ्रष्टाचार का अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल जब सरकार की विकास परियोजनाओं की गिनती कराने की प्रेषर होती है तब अधिकारी स्वयं भागते -फिरते और चौपाल का आयोजन करते दिख जाते हैं  लेकिन वहीं सवाल कि आखिर में डिप्लोमैट आफिसर/अधिकारी भी ज्यादातर नेता, मंत्रियों के समान सिर्फ बरसाती मेंढकों की तरह क्यों दिखाई देते हैं। जिले के जिम्मेदार सहित ब्लाक स्तर के जिम्मेदारों को लगता है कि उनकी कुर्सी उन्हें छोड़ ही नहीं रही ताकि जमीनी स्तर पर पहुंच कर भी विकास की नैया पर जरा ध्यान दे सके कि आखिर ग्राउंड पर समुचित विकास हो भी रहा है या सिर्फ कागजों पर।
मालूम हो कि जनपद -कुशीनगर के तहसील -तमकुहीराज के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में (मनरेगा जी राम जी योजना) सफाई योजना के तहत कराये जा रहे पोखरे ,छठ-घाठ की सुन्दरी करण‌‌‌, खुदाई कार्य में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधानों पर आऱ़ोप है कि वास्तविक मजदूरों से काम कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाकर मस्टररोल भरने की खानापूर्ति की जा रही है।ऐसा प्रकरण दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त (धर्मपुर खुर्द)  देखने व सुनने को मिल रहा है। जहां ग्रामीणों द्वारा स्वयं को छठ पूजा घाट पर ईंट का सिर सोता बनवाया गया था। सिढ़ी भी बनवाई गई थी।  ग्रामीणों द्वारा बताए गए कथन के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष सन् २०२१ से लगायत वित्तीय वर्ष सन् २०२४ के दौरान   अम्बेडकर पार्क, छठ-घाठ ,पोखरा आदि का निर्माण कार्य व मरम्मत कार्य हेतु शासन द्वारा लगभग २२ लाख रुपए  ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त को  जारी किया गया था,जिसे  बिना कोई काय॔ कराये सारा धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।  ग्राम पंचायत में कराये गये छठ-घाठ पोखरे की सुन्दरीकरण व मरम्मत कार्य आदि में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव/ग्राम विकास अधिकारी पर आरोप है कि वास्तविक मजदूरों से काम कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाकर मस्टररोल भरने की खानापूर्ति की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौके पर कम मजदूरों से काम कराकर बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्शा कर भुगतान की प्रक्रिया चलाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ दिनों से सिर्फ फ़ोटो शूट के लिए मजदूरों को बुलाया जाता है जिससे योजना का उद्देश्य और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, ग्राम सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहे इस काय॔ में भारी अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे क्यों बैठे हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी इस घोटाले को बढ़ावा दे रही है।
लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में चाहे ओपेन जीम कार्य हो, चाहे खेल का मैदान कार्य हो, चाहे मनरेगा (जी राम जी योजना हो), चाहे खड़ंजा निर्माण कार्य या मरम्मत कार्य हो   कमीशनखोरी के चक्कर में दोयम दर्जे व सेम ईंट व गांवों में नरेगा से बन रही सड़क और अन्य कार्यों में मैटेरियल की भारी अनियमितता की गई है तथा किया जा रहा है। नरेगा योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर पब॔त में बन रही अन्नपूर्णा भवन, बने हुए खेल मैदान, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय,  इंटरलाकिंग व मनरेगा योजना सड़क निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी व अनियमितता की गई है,की जा रही है। इसे न कोई देखने वाले दिखाई दे रहे हैं और न ही कोई पूछने वाले दिखाई दे रहे हैं सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।लगता है कि इनके आंखों पर पर्दा लग गया है।  ग्रामीणों का कहना है कि सभी निमार्ण कार्यों में बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।छठ घाट के सुन्दरीकरण ँकाय‌‌‌ में भी घटिया मैटेरियल सामग्रियों का प्रयोग किया गया है। लेवलिंग ग़लत है और मोरंग की जगह मिट्टी डाली गयी है।  जिस पर घास -फूस उगा हुआ है।    इससे स्पष्ट होता है कि सभी निमार्ण कार्यों में भारी गड़बड़ी व लापरवाही की गयी है। गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की खुली लूट हो रही है। जबकि गांव का विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाये जा रहे हैं। रुपयों की हवस में अंधे हो  भ्रष्टाचार का  खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट किया जा रहा है। मालूम हो कि ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय में जाने के रास्ते पर बने इंटरलाकिंग सड़क पर भी घांस -फूस उगे हुए दिखा  ग्रामीणों ई दे रहे हैं इससे स्पष्ट होता है कि इंटरलाकिंग कार्य में  भारी गड़बड़ी की गयी है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम में बने मनरेगा पार्क में घटिया मेटेरियल सामग्री का प्रयोग किया गया है जिससे दिवाल टूट कर ध्वस्त हो गया है। उपरोक्त कार्यों में भी भारी अनियमितता की गई है। विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उपरोक्त पार्क में घटिया ईंट, सिमेट, छड़, बालू, गिट्टी आदि प्रयोग इस्तेमाल व निम्न स्तर का सफेद बालू का प्रयोग किया गया है व निमार्ण स्थल पर मोरंग व बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है इस्को लेकर स्थानीय ग्राम सभा के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त लाखों रुपए की लागत से कराये गये घटिया निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट कर लिया गया है।‌
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव द्वारा उक्त कार्यों में घटिया मेटेरियल का प्रयोग कर धन का बंदरबांट किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम में हर बार विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
 गांव के ग्राम प्रधान/प्रतिनिधि व  ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा गांव सभा में कराये गये घटिया निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की शिकायतों पर गम्भीरता से ध्यान न देने से यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार की गंगा नीचे से ऊपर तक बह रही है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी व कर्मचारी कुंभ कणी॔ निद्रा में निमग्न हो आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।न कोई देखने वाला है और न ही कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है। सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल स्थानीय शासन व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीणों की नाराज़गी दर्शाती है कि पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य ग्रामीण विकास कहीं पीछे छूटता जा रहा है।
जो निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच पड़ताल कर कार्यवाही किया जाना आवश्यक है अब देखना यह है कि आगे क्या गुल खिलता है। निष्पक्ष जांच -पड़ताल पी डब्लू डी/लोक निर्माण विभाग से मौके पर नींव की गहरी खुदाई, ऊंचाई, चौड़ाई, लम्बाई, सिमेट की मात्रा, काम की गुणवत्ता की निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच पड़ताल कराकर आवश्यक विधिक कार्रवाई करना आवश्यक है।