आईआईटी कानपुर एवं SCERT,UP  के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण के समापन पर कुशीनगर के शिक्षकों की शानदार प्रस्तुति

Dec 8, 2025 - 20:47
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आईआईटी कानपुर एवं SCERT,UP  के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण के समापन पर कुशीनगर के शिक्षकों की शानदार प्रस्तुति

आईआईटी कानपुर एवं SCERT,UP  के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण के समापन पर कुशीनगर के शिक्षकों की शानदार प्रस्तुति

अमिट रेखा /दुर्गेश  तिवारी/कसया /कुशीनगर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के डायमंड जुबली हॉल में आयोजित विज्ञान शिक्षकों के कंप्यूटर विषयक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर कुशीनगर जनपद से आए शिक्षकों ने अपने नवाचारपूर्ण कार्यों का अत्यंत शानदार, जीवंत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। इस प्रस्तुति ने विभिन्न जनपदों से आए शिक्षकों तथा कार्यक्रम के आयोजकों को गहराई से प्रभावित किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आईआईटी कानपुर एवं SCERT उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में दो चरणों में तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को DLCCAI कार्यक्रम के माध्यम से कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, डिजिटल साक्षरता, AI एवं कोडिंग का प्रारंभिक ज्ञान प्रदान करना है।
समापन समारोह में कुशीनगर के शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए अपने प्रोजेक्ट, मॉडल एवं शैक्षिक नवाचारों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। शिक्षकों ने यह दिखाया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा सकता है तथा उन्हें कोडिंग, तार्किक सोच और तकनीकी दक्षता से युक्त बनाया जा सकता है।
इस प्रशिक्षण में कुशीनगर जनपद के तमकुही ब्लॉक से अजय कुमार दुबे, स• अ • , स• उच्च प्राथमिक विद्यालय, करमैनी ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों एवं SCERT यूपी के अधिकारियों ने कुशीनगर के शिक्षकों की कार्यशैली, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण भविष्य में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें अपने-अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा एवं कोडिंग से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।