सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर द्वारा जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

Jan 30, 2026 - 19:55
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सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर द्वारा जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर द्वारा जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

अमिट रेखा/ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव /कुशीनगर 

प्रभात सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा जिला कारागार, देवरिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद कुशीनगर से संबंधित बंदियों की कुल संख्या 844 पाई गई। इनमें सिद्धदोष बंदियों की संख्या 88 है, जिनमें 85 पुरुष एवं 03 महिला शामिल हैं। विचाराधीन बंदियों की कुल संख्या 743 है, जिनमें 680 पुरुष एवं 25 महिला तथा 37 अल्पवयस्क बंदी शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कुल 04 पुरुष बंदी निरुद्ध हैं। सिविल बंदियों में 07 पुरुष तथा अन्य (विदेशी) बंदियों की संख्या 02 पुरुष पाई गई। जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के साथ बच्चों की संख्या 03 है।
निरीक्षण के दौरान कारागार के बैरकों, पाकशाला,चिकित्सालय एवं महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन, साफ-सफाई, चिकित्सा, सुरक्षा एवं विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लिया गया। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जेल मैनुअल के अनुसार बंदियों को भोजन, नाश्ता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरुद्ध बंदियों से उनकी समस्याओं के संबंध में पूछताछ करने पर किसी प्रकार की समस्या नहीं बताई गई। सचिव महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि जिन बंदियों के पास पैरवी हेतु अधिवक्ता नहीं हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के माध्यम से सरकारी खर्च पर अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान विचाराधीन बंदियों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की समीक्षा की गई तथा जो बंदी रिहाई के पात्र थे, उनके संबंध में आवश्यक कार्यवाही की गई। बंदियों के टिकटों का अवलोकन कर मुकदमों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। कारागार में स्थित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया। लीगल एड क्लिनिक में कार्यरत पीएलवी को निर्देशित किया गया कि वे निरुद्ध बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराएं तथा जिन बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता, जेल अपील अथवा अन्य विधिक सहायता की आवश्यकता हो, उनके प्रार्थना-पत्र तैयार कर जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर को प्रेषित करें।
निरीक्षण के दौरान प्रेमसागर शुक्ल, अधीक्षक; राजकुमार, कारापाल; डॉ० राहुल त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी; डॉ० हरिपाल विश्वकर्मा, चिकित्साधिकारी; ज्ञानप्रकाश पाल, उप कारापाल; गीता रानी, उप कारापाल; अम्बरीश कुमार, उप कारापाल; शिवनाथ पाण्डेय, उप कारापाल एवं सुरेन्द्र प्रताप, उप कारापाल उपस्थित रहे।