रामकोला में महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथिः शिक्षकों-कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि, त्याग-पराक्रम को किया याद
अमिट रेखा /ओम प्रकाश यादव/ रामकोला/ कुशीनगर
कुशीनगर के रामकोला में मंगलवार को मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके त्याग, पराक्रम और स्वाभिमान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।यह कार्यक्रम टेकुआटार स्थित दुलहिन जगन्नाथ कुँवरि इंटरमीडिएट कॉलेज में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद गोरखपुर द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक शासक नहीं, बल्कि स्वाभिमान, त्याग और आत्मसम्मान के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कभी भी विदेशी सत्ता के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए कठोर जीवन अपनाया। प्रधानाचार्य शर्मा ने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों जैसे कर्तव्यनिष्ठा, आत्मबलिदान और राष्ट्रप्रेम को अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे महापुरुषों के विचार ही राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं।कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति और वीरता के नारों से गूंज उठा। इस कार्यक्रम में उपेंद्र पांडेय, मुकेश राव, राजेन्द्र सिंह, निखिल श्रीवास्तव, बैजनाथ गुप्ता, रहमत अली, बालेंदु, श्रीराम सैनी, निधि राव जमशेद सहित कई लोग उपस्थित रहे।