बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत कसया तहसील में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
अमिट रेखा /प्रदीप कुमार श्रीवास्तव /कुशीनगर
जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि कसया तहसील प्रांगण में उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से आई टीम द्वारा बाल विवाह एवं बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ की थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उपस्थित अधिवक्ताओं एवं आमजनमानस को बाल विवाह न करने का सशक्त संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह द्वारा बाल विवाह पर विशेष चर्चा करते हुए इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा उपस्थित जनमानस को अपने बच्चों का बाल विवाह न करने हेतु प्रेरित किया गया।
साथ ही आमजन से अपील की गई कि यदि किसी स्थान पर कम उम्र (लड़का 21 वर्ष, लड़की 18 वर्ष) में विवाह की जानकारी हो तो उसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, 112 अथवा 181 पर तत्काल दें।
इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग की जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती बंदना कुशवाहा द्वारा विभाग द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ लेने का अनुरोध किया गया। साथ ही प्रदेश में संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—1098, 181, 1090, 112, 108 एवं 102—की उपयोगिता के संबंध में भी जानकारी दी गई।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कसया बस स्टेशन, बुद्धा पी.जी. कॉलेज एवं बुद्ध परिनिर्वाण स्थल, कुशीनगर पर भी आमजन को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उप जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित समस्त जनमानस को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई तथा महिला कल्याण विभाग से संबंधित कैलेंडर एवं पंपलेट वितरित किए गए।
इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग से श्रीमती बंदना गुप्ता, चाइल्ड एजुकेटर, त्रिलोकिनाथ गुप्ता सहित बड़ी संख्या में आमजनमानस उपस्थित रहा।
कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।