पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज मठिया श्रीराम में विद्युतीकरण शुरू, वर्षों पुरानी समस्या दूर
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज में मंगलवार से शुरू हुई बिजली की रौशनी
अमिटरेखा/कृष्णा यादव/ तमकुही राज /कुशीनगर
सेवरही विकास खंड के मठिया श्रीराम स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज में वर्षों बाद बिजली पहुंचने से पठन-पाठन की नई उम्मीद जगी है। समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी के सतत प्रयासों के बाद मंगलवार से कॉलेज परिसर में बल्ब जलना शुरू हो गया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज में निर्माण के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर बिजली का घोर अभाव था। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अब तक लगभग 3 करोड़ 39 लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं। बिजली न होने के कारण प्रयोगशालाओं में रखे उपकरण जंग खा रहे थे और शैक्षणिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही थीं।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामवासी एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, एडीएम (न्यायिक) एवं एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। प्रशासन द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद कॉलेज में विद्युतीकरण कार्य प्रारंभ कराया गया। कॉलेज में शिक्षकों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 10 शिक्षक एवं एक प्रभारी प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। शिक्षकों की कमी के चलते शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मंगलवार को कॉलेज में मात्र 3 शिक्षक ही पढ़ाते नजर आए। मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 शिक्षक सीएल पर, 2 आरएल पर, 1 प्रशिक्षण में तथा 1 ऑन ड्यूटी रहे। इस दिन करीब 70 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। यह कॉलेज 7.5 एकड़ भूमि पर वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शिलान्यास के बाद अस्तित्व में आया।
कॉलेज भवन में 22 कक्ष और 30 शौचालय बने हैं, लेकिन साफ-सफाई और जलापूर्ति के अभाव में शौचालय उपयोग योग्य नहीं हैं। पुस्तकालय और प्रयोगशाला भवन बने होने के बावजूद उनमें पर्याप्त पुस्तकें और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके। वर्ष 2018-19 से शिक्षण कार्य शुरू होने के बाद भी छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 200 बताई जाती है, जबकि नियमित उपस्थिति करीब 100 ही रहती है। कॉलेज के आसपास जंगल, श्मशान घाट और नाला होने से वातावरण भयावह है, जिसके कारण कई अभिभावक बच्चों को कॉलेज भेजने से परहेज करते हैं। विद्युतीकरण शुरू होने से अब कॉलेज में कंप्यूटर लैब, इंटरनेट/वाई-फाई, कला प्रतियोगिताएं, शुद्ध पेयजल तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जगी है। इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिजली के अभाव में कॉलेज अपने उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर पा रहा था, लेकिन निरंतर प्रयासों के बाद अब कॉलेज में सुचारु रूप से बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है।