नाली निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान
नाली निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान
स्थानी लोगों का आरोप है कि नाली का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा
अमिट रेखा/राम आशीष तिवारी/खजनी गोरखपुर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को भी बेहद कमजोर बताया है।
निवासियों के अनुसार, नाली की गहराई 60 सेंटीमीटर, चौड़ाई 40 सेंटीमीटर और दीवार की मोटाई मात्र 3 इंच रखी गई है। उनका दावा है कि ये माप निर्धारित मानकों से काफी कम हैं, जिससे नाली के जल्द टूटने और जल निकासी बाधित होने ज्ञ का खतरा है।
आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया गिट्टी, कमजोर रेत और निम्न गुणवत्ता वाले सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, सामग्री का मिश्रण भी सही अनुपात में नहीं किया जा रहा है, जिससे नाली की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है।
राजन तिवारी, राम मणि त्रिपाठी, कौशल कुमार,या रमेश कुमार गौड़ और घनश्याम सहित कई स्थानीय व्यापारियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले से ही कम मानक की नाली बनाई जा रही है और ऊपर से सामग्री भी घटिया इस्तेमाल की जा रही है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि इतनी संकरी नाली बरसात के पानी को संभालने में सक्षम नहीं होगी। इससे टेकवार चौराहे पर जलजमाव और गंदगी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण गुणवत्ता की तत्काल जांच करने, उपयोग की जा रही सामग्री का परीक्षण कराने पर निर्धारित मानकों के अनुसार नाली का पुनः निर्माण कराने की मांग की है। इटली विभाग के जिम्मेदारों का फोन न उठने से उनका पक्ष नहीं जाना जा सकता