डिटेंशन सेंटर तैयार अवैध विदेशियों की पहचान और निष्कासन में मिलेगी बड़ी मदद

Dec 12, 2025 - 11:34
Dec 13, 2025 - 18:11
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डिटेंशन सेंटर तैयार अवैध विदेशियों की पहचान और निष्कासन में मिलेगी बड़ी मदद

डिटेंशन सेंटर तैयार अवैध विदेशियों की पहचान और निष्कासन में मिलेगी बड़ी मदद

अमिट रेखा/ जितेन्द्र कुमार 

गोरखपुर। मुख्यमंत्री के आदेश पर गोरखपुर में पहली बार डिटेंशन सेंटर तैयार कर दिया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित आवास विकास कॉलोनी में बने एक रैन बसेरा को संशोधित कर पूर्ण सुविधाओं वाले डिटेंशन सेंटर में बदल दिया गया है। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, यहां 30 पुरुष और 20 महिलाओं को रखने की व्यवस्था की गई है। यह कदम प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि इस डिटेंशन सेंटर की क्षमता 50 बेड की है। तीन मंजिला इमारत में कुल 12 कमरे, साथ ही 4 टॉयलेट और 4 वॉशरूम बनाए गए हैं। प्रत्येक मंजिल पर सुरक्षा और निगरानी के लिए उपयुक्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यहां किचन, साफ पानी, प्रकाश व्यवस्था, बेड, आवश्यक सामग्री, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है, ताकि यहां लाए गए लोगों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव न हो।

फिलहाल यह भवन मानव सेवा संस्थान द्वारा रैन बसेरा के रूप में संचालित हो रहा था, लेकिन अब इसे डिटेंशन सेंटर के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों—विशेषकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या—की पहचान होने पर इन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक यहीं रखा जाएगा। बाद में तय नियमों के अनुसार इन्हें संबंधित बॉर्डर पर छोड़ा जाएगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय की सराहना की है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि शहर में लंबे समय से अवैध रूप से कई विदेशी घूमते पाए जाते हैं, जिनकी गतिविधियाँ संदेह के दायरे में रहती हैं। इस डिटेंशन सेंटर के बनने से अब ऐसे लोगों की पहचान में आसानी होगी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

अपर नगर आयुक्त ने बताया कि यहां रखे जाने वाले लोगों के लिए भोजन, इलाज और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही नगर निगम और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से इस सेंटर की निगरानी करेगा।

डिटेंशन सेंटर के तैयार होने से गोरखपुर प्रदेश के उन प्रमुख शहरों में शामिल हो गया है, जहां अवैध विदेशियों की निगरानी और निष्कासन के लिए संरचित व्यवस्था विकसित की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न केवल सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि अवैध प्रवास पर नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी।