खलिहान की भूमि में अवैध रूप से पूर्व में बने आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत कार्य में धन का बंदरबाट

Dec 16, 2025 - 11:24
 0
खलिहान की भूमि में अवैध रूप से पूर्व में बने आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत कार्य में धन का बंदरबाट

खलिहान की भूमि में अवैध रूप से पूर्व में बने आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत कार्य में धन का बंदरबाट

दोयम दर्जे के इंट व  नदी ताल के सफेद बालू व खेत से निकले बलुई मिट्टी से कराया जा रहा आंगनबाड़ी केंद्र का मरम्मत कार्य सरकारी धन का हो रहा है  भारी नुक़सान 

अमिट रेखा /राधेश्याम शास्त्री /दुदही ब्लॉक/ कुशीनगर

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना चाहे मनरेगा योजना हो, चाहे राज्य बित्त योजना हो, चाहे केन्द्रीय वित्त योजना हो, चाहे पन्द्रहवां वित्त योजना हो, विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्य कराने का प्रधान/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारियों को शासनादेश जारी किया गया है। कार्यों में पारदर्शिता से इमानदारी के साथ कार्य करना है। जिसमें मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना एस एल डब्ल्यू एम, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण योजना वित्तीय वर्ष २०२४-२५में स्वीकृत परियोजनाओं पर सामग्री प्रथम श्रेणी इंट,इंट की गिट्टी,सिमेंट, मोरंग बालू , सफेद बालू, सरिया, पत्थर की गिट्टी, इंटरलाकिंग ईंट, पेंट, प्राइमर,समोसन, ह्यूम पाईप, टायल्स, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प मरम्मत, मेटेरियल, प्लास्टिक बैग, डस्टबिन, भरकम, प्रोफाइल सीट, ई-रिक्शा गारवेजर,आर सी सी,डेस्क,सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपेन जीम सामग्री, झूला, पंचायत सचिवालय स्थापना सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ( सी सी कैमरा), व्हील चेयर, डिजीटल कैमरा, पार्किंग मसीन आदि की आवश्यकता हेतु जिस पर निविदा आमंत्रित की जाती है। आपूर्ति कर्ता को भुगतान तकनीकी सहायक अवर अभियंता द्वारा सामग्री की गुणवत्ता प्रमाणित होने तथा मापन होने के उपरान्त किया जाता है। 
   मालूम हो कि जनपद -कुशीनगर के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में सोख्ता निर्माण कार्य, इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प रिब़ोर व मरम्मत कार्य, कुएं की सुन्दरीकरण व मरम्मत कार्य, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय मरम्मत कार्य जैसे नाम पर सरेआम फर्जी वाड़ा और भ्रष्टाचार का अंजाम दिया जा रहा है। दर असल जब सरकार की विकास परियोजनाओं की गिनती कराने की प्रेषर होती है तब अधिकारी स्वयं भागते -फिरते और चौपाल का आयोजन करते दिख जाते हैं ------। लेकिन वही सवाल कि आखिर में डिप्लोमैट आफिसर/अधिकारी भी ज्यादातर नेता, मंत्रियों के समान सिर्फ बरसाती मेंढक की तरह क्यों दिखाई देते हैं।। जिले के अध अधिकारी अधिकारी भी ज्यादातर नेता, मंत्रियों के समान सिर्फ बरसाती मेंढक की तरह क्यों दिखाई देते हैं। जिले के जिम्मेदार सहित ब्लाक स्तर के जिम्मेदारों को लगता है कि उनकी कुर्सी उन्हें छोड़ ही नहीं रही ताकि जमीनी स्तर पर पहुंच कर भी विकास की नैया पर जरा ध्यान दे सकें कि आखिर ग्राउंड पर समुचित विकास हो भी रहा था या सिर्फ कागजों पर। मालूम हो कि जनपद -कुशीनगर के तहसील -तमकुहीराज के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत सुन्दरीकरण,, खुदाई कार्य में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मालूम हो कि जनपद के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायत - अमवादीगर 
में पूर्व में दुदही विकास खण्ड  के ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा अवैध तरीके से खलिहान की भूमि में शासनादेश का खुला उलंघन करके सरकार के लाखों रुपए से खलिहान की भूमि में पक्का आंगनबाड़ी केंद्र बनवाया गया था। जिसमें पुनः इस समय भी  विकास खण्ड -दुदही के ग्राम पंचायत -अमवादीगर के ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा लाखों रुपए की लागत से अवैध तरीके से खलिहान की भूमि में शासनादेश का खुला उलंघन करके नदी से निकला हुआ सफेद बालू, खेत-खलिहान से निकला हुआ  बलुई मिट्टी व   दोयम दर्जे के इंट व घटिया मेटेरियल का प्रयोग करके मरम्मत कार्य कराया जा रहा है,जो अवैध है। सरकारी धन की खुली लूट -खसोट की जा रही है। दोयम दर्जे के इंट से लाखों रुपए के सरकारी धन से विभिन्न मैटेरियल सामग्रियों द्वारा शासनादेश का खुला उलंघन करके आंगनबाड़ी केंद्र का पक्का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है जो अनुचित है, तथा शासनादेश के विरूद्ध है। जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। गुणवत्ता खराब है। उक्त मरम्मत कार्यों में मैटेरियल की भारी अनियमितता की जा रही है। उपरोक्त मरम्मत कार्य में घटिया ईंट,सिमेट छड़,बालू गिट्टी आदि का प्रयोग, इस्तेमाल व निम्न स्तर का सफेद बालू का प्रयोग किया जा रहा है। मरम्मत कार्य में मोरंग बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। इस को लेकर स्थानीय ग्राम सभा के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त लाखों रुपए की लागत से कराये गये घटिया मेटेरियल से मरम्मत कार्य में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव/, ग्राम विकास अधिकारी द्वारा धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट किया जा रहा है जो मौके पर निष्पक्ष व निभि॔क रुप से जांच पड़ताल कर कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक है। गांव में हर बार विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की खुली लूट हो रही है जबकि गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाये जा रहे हैं। जिससे सरकार का लाखों रुपए का भारी नुक्सान हो रहा है। मालूम हो कि इसके पूर्व में ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा गांव सभा में कराये गये निर्माण कार्यों में भी व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की शिकायतों पर गम्भीरता से ध्यान न देने पर यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार की गंगा नीचे से ऊपर तक बह रही है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी कुंभ कणी॔ निद्रा में निमग्न हो आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।न कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है और न ही कोई निष्पक्ष जांच कर  कार्रवाई करने वाला दिखाई दे रहा है। सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। काश ! उच्च पदस्थ अधिकारी मौके की तत्काल जांच कर कार्रवाई करते।
 नौकरशाही पर अंकुश देश में व्यवस्था की रीढ़ नौकरशाही केंसर ग्रस्त है। उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों तथा सत्ता में बैठे राजनेताओं के गठजोड़ ने पूरे तंत्र को बेइमान बना दिया है। नेताओं के ग़लत काम करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी को दोनों हाथों से लूटने की अघोषित छूट मिल जाती है। निकम्मे और सुस्त कर्मचारी भी विकास और व्यवस्था को सुचारू रूप से चला पाने में रोड़ा साबित हो रहे हैं।जब तक उसका सही तरीके से इलाज नहीं होगा,न तो  राजनीतिक भ्रष्टाचार खत्म होगा और न धनपतियों की बढ़ती सम्पतियों पर रोक लग सकेगी। नौकरशाही सबसे अधिक दायित्व निर्वहन के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। सरकारी कर्मचारी ज्यादा वेतन और सुविधाएं पाते हैं। ऐसे में काम के प्रति उनका उदासीन रवैया समय से परे है।
मोदी सरकार का निर्णय और उसकी दर्ज़ पर क ई राज्य सरकारों द्वारा कार्य के प्रति उदासीन अधिकारियों और कर्मचारियों की  छंटनी है।इस सारी कवायद में एक बात ध्यान रखना होगा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अन्याय न हो और न ही किसी को जान बूझकर निशाना बनाया जाय। जांच -पड़ताल निष्पक्ष व निभि॔क रुप से होना चाहिए।