कुशीनगर के सीमावर्ती क्षेत्र रजवटिया में साकार होगा अत्याधुनिक 'मल्टीमॉडल हब' का सपना
मुख्य सचिव ने दिए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
72.5 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होगा प्रोजेक्ट; शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और व्यापार का बनेगा संगम
मुख्य सचिव,उ0 प्र0 ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में कार्ययोजना को दी हरी झंडी
अमिट रेखा /प्रदीप कुमार श्रीवास्तव /कुशीनगर
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील अंतर्गत, बिहार सीमा से सटे रजवटिया गांव में प्रस्तावित 'मल्टीमॉडल (बहुउद्देशीय) हब' की प्रगति और फिजिबिलिटी रिपोर्ट की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए इस परियोजना पर तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए।
परियोजना की रूपरेखा
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 72.5 एकड़ (293,500 वर्ग मीटर) भूमि पर प्रस्तावित यह हब क्षेत्रीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसमें से 45 एकड़ भूमि का क्रय किया जा चुका है, जबकि 27 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है। इस हब का उद्देश्य परिवहन, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और शहरी सेवाओं को एक ही परिसर में एकीकृत करना है।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश विभागों में समन्वय* मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग (PWD), आवास विकास, पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक सशक्त नोडल एजेंसी के नेतृत्व में सभी बाधाओं को दूर किया जाए।
*ले-आउट और बुनियादी ढांचा* संपूर्ण चिह्नित भूमि का विस्तृत 'ले-आउट' शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। लोक निर्माण विभाग (PWD) को सड़कों और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली, पानी, ड्रेनेज) के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
PPP मॉडल को बढ़ावा परियोजना की वित्तीय स्थिरता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल (सुपर स्पेशलिटी) शिक्षण संस्थान और कुछ व्यावसायिक परिसरों के निर्माण में 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (PPP) मॉडल की संभावनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
रोजगार सृजन* मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि इस परियोजना का केंद्र बिंदु स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन होना चाहिए।
मल्टीमॉडल हब की प्रमुख विशेषताएं
परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स* आधुनिक बस अड्डा, ट्रकर्स कॉर्नर, ईवी चार्जिंग स्टेशन और सीएनजी पंप।
व्यापार एवं कृषि शॉपिंग मॉल, स्थानीय उत्पादों के लिए 'किसान मॉल' और फूड कोर्ट।
जनसुविधाएं सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं वाला अस्पताल, स्कूल/कॉलेज कॉम्प्लेक्स, पुलिस चौकी और सार्वजनिक पार्किंग।
पर्यटन एवं पर्यावरण* पर्यटकों के लिए होटल, रेस्तरां, ओपन जिम, ग्रीन अम्यूज़मेंट पार्क और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम।
परियोजना का प्रभाव
इस हब के निर्माण से कुशीनगर के सीमावर्ती गांवों को न केवल एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि सैकड़ों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह परियोजना स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और टिकाऊ विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव (PWD), जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य अभियंता (लोक निर्माण विभाग) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।