भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में दर्जनों फिल्म में सह निर्देशक रह चुके हैं : संजय तिवारी
अमिटरेखा/हारून अली/पटहेरवा /कुशीनगर
जिले के रहने वाले संजय तिवारी सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना रुख थिएटर के तरफ किया रंगाश्रम गोरखपुर से 6 महीने थिएटर करने बाद माया नगरी मुम्बई गए उसके बाद फिल्मी गलियारों में अपना अपना किस्मत आजमाया , मुम्बई में रहना इतना आसान नहीं होता है जितना हम फ़िल्मों में देखते है जीवन में बहुत उतार चढ़ाव आए और 2015 में दो हिंदी फिल्म में प्रोडक्शन असिस्टेंट में काम किया अन्य एड फिल्म भी किए डेंगू होने के कारण अपने घर आ गए । 2017 में एक हिन्दी फिल्म "एक बार सनम कह दो" में बतौर मुख्य सह निर्देशक काम किया वह फिल्म किसी कारण प्रदर्शित नहीं हो पाया उसके बाद 2018 में अमर बेताब के "दो हिम्मतवाले" भोजपुरी फिल्म से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश किए उसके बाद मुख्य सह निर्देशन में निर्देशक धीरज ठाकुर की फिल्म पांच मेहरिया, जीवनी साथी , समाज में परिवर्तन, कब होई हमार मंगल फेरा, मधुमति, निर्देशक मिथलेश अविनाश की फिल्म फिरौती, सीता जईसन भौजी हमार, आबाद रहें अंगना हमार, निर्देशक आनन्द सिंह की फिल्म लगन पत्रिका, पार्थ मिश्रा निर्देशित फिल्म पति तंग बीबी दबंग , विष्णु शंकर बेलू की फिल्म नवरातार, संदीप मिश्रा निर्देशित फिल्म गुम है किसी के प्यार में, यशपाल की फिल्म छाया, सच्चा दिलवाला निशांत नवीन की और हाल ही में सतेन्द्र नारायण दुबे की फिल्म लाल दाना में मुख्य सह निर्देशक काम किए हैं। उसके बाद निर्देशक निर्माता मंजुल ठाकुर के फिल्म मेरी सास पहले आप , सास बहु और साजिश , भौजी , नौकर बीबी का , तथा संजय श्रीवास्तव की फिल्म दामाद हो तो ऐसा , भाग्यवान , सइया धनवान, निर्माता निर्देशक बी एन तिवारी की फिल्म प्यार ना माने हार, महिमा सत्यनारायण देव की , आदि फिल्में किए हैं।