नरेगा योजना के तहत हो रहा विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

Dec 12, 2025 - 11:26
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नरेगा योजना के तहत हो रहा विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

नरेगा योजना के तहत हो रहा विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

खेल मैदान  हुआ ध्वस्त, माननीयों द्वारा किया गया धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट 

अमिट रेखा /राधेश्याम शास्त्री /दुदही ब्लॉक/कुशीनगर

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना चाहे मनरेगा योजना हो, राज्य बित्त हो, केन्द्रीय वित्त हो, चाहे पन्द्रहवां वित्त योजना हो, विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्य कराने का प्रधान/ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारियों को शासनादेश जारी किया गया है। कार्यों पारदर्शिता से इमानदारी के साथ कार्य करना है।
लेकिन दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में सब फेल हो चुके हैं।
इसका जीता -जागता प्रमाण कुशीनगर जनपद के तहसील -तमकुहीराज के दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त ( धर्मपुर खुर्द) में देखने को मिल रहा है, जहां विकास कार्य को जहन्नुम में भेज दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त धर्मपुर खुर्द में विगत बर्ष सन् २०२१से लगायत सन् २०२५के दौरान लाखों रुपए की लागत से माता भगवती डमूर स्थान से दक्षिण धर्मपुर पब॔त की तरफ जाने वाली पीच सड़क से सटे पश्चिम तरफ़ में नरेगा आदि योजना अन्तर्गत लाखों रुपए से कराये गये पक्का मनरेगा पार्क निर्माण कार्य (खेल का मैदान)की  चारों तरफ से पक्की बाउन्डी वाल (चहार दिवाली) कराया गया है।जो वर्तमान समय में इस समय मौके पर पूरब तरफ पक्का दिवाल टूट कर ध्वस्त हो गया है क्यों? इसमें कौन सी राज़ है ! पार्क के अन्दर का उपकरण भी गायब है,कुछ टूट कर ध्वस्त हो गया है। जिससे ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में लाखों रुपए की भारी नुक्सान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से बने मनरेगा पार्क कैसे टूट कर ध्वस्त हो गया है! नरेगा आदि योजना से बने मनरेगा पार्क, खेल का मैदान व अन्य कार्यों में भी मटेरियल की  भारी अनियमितता की गई है। नरेगा योजना के तहत हो रहा विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उपरोक्त पार्क में घटिया ईंट,सिमेट,बालू, गिट्टी आदि प्रयोग इस्तेमाल व निम्न स्तर का सफेद बालू का प्रयोग किया गया है।व निर्माण स्थल पर मोरंग बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।इसको लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त लाखों रुपए की लागत से कराये गये घटिया निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा धन का खुल्लम -खुल्ला बंदरबांट कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान व सचिव द्वारा उक्त कार्यों में घटिया मेटेरियल का प्रयोग कर धन का बंदरबांट किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम में हर बार विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मोरंग की जगह सफेद बालू या मिट्टी डाली गयी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी धन की खुली लूट हो रही है। नरेगा योजना से पाक॔ का निर्माण कार्य कराया गया है उसकी नींव की खुदाई व मेटेरियल की मात्रा कम है।नींव की खुदाई, जोड़ाई उसमें मेटेरियल की मात्रा कम होने के कारण दिवाल टूट कर ध्वस्त हो गया है। जिससे सरकार का लाखों रुपए का भारी नुक्सान हो रहा है। बताते चलें कि उक्त लाखों रुपए की लागत से बने मनरेगा पार्क निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि सहित विगत वित्तीय वर्ष में काय॔रत‌‌‌ ग्राम पंचायत सचिव द्वारा गांव सभा में कराये गये घटिया निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की शिकायतों पर गम्भीरता से ध्यान न देने से स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार की गंगा नीचे से ऊपर तक बह रही है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी कुंभ कणी॔ निद्रा में निमग्न हो आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।न कोई पूछने वाला दिखाई दे रहा है और न ही कोई काय॔वाही करने वाले दिखाई दे रहे हैं। सभी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। काश ! ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में नरेगा, आदि योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल स्थानीय शासन व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीणों की नाराज़गी यह दशा॔ती है कि पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य ग्रामीण विकास कहीं पीछे छूटता जा रहा है। कुशीनगर जनपद के दुदही विकास खण्ड ‌क्षेत्र के ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में स्थित खेल का मैदान, पार्क अब पुरी तरह बदहाली का शिकार हो गया है। सरकारी दावे के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का सपना अधूरा ही नजर आ रहा है। मैदान में बुनियादी सुविधाओं की कमी से खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना मुश्किल बना दिया है। मैदान की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह खेल मैदान पता ही नहीं चल रहा है कि खेल का मैदान है।
यह खेल का मैदान नहीं है
खेल के उपकरण ब्रेच टूटे  हैं। मैदान में अन्य खेलों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिससे खिलाड़ियों को सही तरीके से अभ्यास करने में
परेशानी होगी। सरकार गांवों के युवा खिलाड़ियों का अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए हर गांव से लेकर शहर, लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर खेल का मैदान का निर्माण करा रही है। बाउंड्री वाल का तो पता ही नहीं है।अब सवाल यह उठता हैकि
जहां सरकार लाखों, करोड़ों रुपए खर्च कर के ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कर रही है लेकिन यह जमीनी स्तर पर खेल का मैदान बदहाली का शिकार हो गया है।
ग्राम पंचायत -धर्मपुर पब॔त में हुए विकास कार्यों से सम्बंधित घोर अनियमितताएं , फर्जीवाड़ा जो राष्ट्रीय योजनाएं राज्य बित्त कोष एवं नरेगा के तहत मुहैया कराये गये धनराशि, ग्राम निधि खाते में मुहैया कराये गये धनराशि आदि नींधियों का भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखों का भी भौतिक सत्यापन तथा विकास कार्यों के कराये गये मानक एवं गुणवत्ता एवंश टेक्निकल की जांच -पड़ताल कराने की आवश्यकता है।