चिरकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे अटल के विचार
अमिट रेखा/उमाशंकर तिवारी/हाटा/ कुशीनगर
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई राजनीति के शिखर पुरुष थे उनके विचार चिरकाल तक समाज को प्रेरणा देते रहेंगे।
उक्त बातें कसया के पूर्व विधायक रजनीकांत मणि संस्कृति मंत्रालय के निर्देशन एवं भगवान बुद्ध स्मारक समिति के तत्वावधान में श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में आयोजित अटल बिहारी वाजपेई के शताब्दी जयंती के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अटल जी संवेदनशील कवि पत्रकार लेखक एवं चिंतक होने के साथ ही लोकप्रिय राजनेता रहे। उन्होंने समाज की पीड़ा को अपने अंदर तक महसूस किया और अंतिम सांस तक देश के लिए जिए। विशिष्ट अतिथि उदित नारायण पीजी कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ रामनरेश दूबे ने कहा कि बाजपेई का जीवन पूरी तरह से देश सेवा में समर्पित रहा।उनकी पहचान संपूर्ण विश्व में है लोग उनके विचारों का आज भी सम्मान करते हैं। उनका आचरण सदैव अनुकरणीय है। उन्होंने जो संसदीय मर्यादा और धैर्य का उदाहरण प्रस्तुत किया वह सदैव अनुकरणीय है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी यू एन पीजी कॉलेज डॉ पी सी सिंह ने अटल बिहारी वाजपेई के राजनैतिक, सामाजिक,लेखन एवं पत्रकारिता के गुणों की चर्चा करते हुए एक महान राजनेता बताया जिनके विचार समाज और देश के लिए महान है।उनकी हिंदी में लिखी कविताओं को समाज हित एवं लोकोपयोगी बताया। डॉ मोहन पाण्डेय भ्रमर ने बाजपेई के जीवन पर विस्तृत चर्चा किया और एक भोजपुरी देश गीत प्रस्तुत किया। कवि पत्रकार आर के भट्ट ने अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला और उनकी कविताओं का पाठ किया।
इस दौरान अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ राजेश कुमार चतुर्वेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाजपेई के साहसिक एवं देश प्रेम की शक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि भारत रत्न बाजपेई के विचार सदैव हमारे बीच प्रेरणा दायक बने रहेंगे। इस दौरान लोक गायिका पूजा तिवारी, एवं लोक गायक बसंत गिरी, ने गीत प्रस्तुत किया।पवन कुमार तिवारी, सत्यानंद चतुर्वेदी ने वैदिक मंगलाचरण एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह के दौरान डॉ रामानुज द्विवेदी डॉ संदीप कुमार पाण्डेय
डॉ बशिष्ठ द्विवेदी,श्यामनारायन पाण्डेय, ब्रह्मानंद द्विवेदी अवधेश सिंह राधेश्याम पाण्डेय दिनेश भारद्वाज, सतीश चन्द्र शुक्ल,संजय दूबे, मिथिलेश चौरसिया आदि मौजूद रहे। संचालन आर के भट्ट ने किया।