एंबुलेंस बनी प्रसव कक्ष राधिका ने रास्ते में दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

Dec 14, 2025 - 12:40
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एंबुलेंस बनी प्रसव कक्ष राधिका ने रास्ते में दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

एंबुलेंस बनी प्रसव कक्ष राधिका ने रास्ते में दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

अमिट रेखा/राजधारी प्रसाद 

गोरखपुर। ग्राम जंगल सेमरा में उस समय हड़कंप मच गया जब राधिका पत्नीसोमनाथ को अचानक तेज़ प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और स्थिति मिनट-दर-मिनट गंभीर होती गई। घबराए हुए पति सोमनाथ ने बिना समय गंवाए 102 एम्बुलेंस सेवा को कॉल कर सहायता मांगी। कॉल सेंटर से सूचना मिलते ही एम्बुलेंस संख्या यूपी 32 एफ जी 1097 को तत्काल मौके पर भेज दिया गया। पायलट चंदन और ईएमटी संतोष कुमार कुछ ही मिनटों में गांव पहुंच गए और राधिका को सुरक्षित एम्बुलेंस में शिफ्ट किया।

राधिका को सीएचसी भटहट ले जाने के दौरान अचानक उसकी प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। हालत इतनी गंभीर हो गई कि अस्पताल तक पहुंचने में देरी जोखिम भरा हो सकता था। स्थिति को समझते हुए ईएमटी संतोष कुमार ने त्वरित निर्णय लेते हुए एम्बुलेंस को ही अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया। उपलब्ध संसाधनों, स्वच्छता और कौशल का उपयोग करते हुए सुरक्षित प्रसव की प्रक्रिया शुरू की।

ईएमटी संतोष कुमार के अनुभव, शांतचित्त और त्वरित एक्शन की बदौलत कुछ ही समय में एम्बुलेंस में स्वस्थ बच्चे का जन्म हो गया। जन्म के बाद नवजात और मां दोनों की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें उनकी हालत सामान्य और सुरक्षित पाई गई। प्रसव के तुरंत बाद एम्बुलेंस टीम ने मां और बच्चे को सीएचसी भटहट पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां चिकित्सक उनकी आगे की देखभाल कर रहे हैं।

घटना से भावुक परिजनों ने 102 सेवा की कार्यकुशलता और मानवीय संवेदना की खूब सराहना की। पति सोमनाथ ने कहा कि—“अगर एम्बुलेंस समय पर न आती और ईएमटी संतोष की सतर्कता न होती, तो न जाने क्या हो जाता। इनकी वजह से दो जिंदगियां सुरक्षित हैं।” ग्रामीणों ने भी पूरी टीम के समर्पण को घर-घर चर्चा का विषय बताया।

यह पूरी घटना 102 एम्बुलेंस सेवा की प्रभावशीलता, त्वरित सेवा और मानवता की मिसाल पेश करती है। मौके पर तुरंत पहुंचे पायलट चंदन और ईएमटी संतोष कुमार ने न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि संवेदनशील परिस्थितियों में अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय भी दिया।