आकस्मिक विपदा में संजीवनी बन रही सरकारी एम्बुलेंस सेवा
योगी सरकार में सुदृढ़ हुई ‘स्पॉट टू हॉस्पिटल’ मेडिकल सर्विस
गोरखपुर में 108 नंबर की 46 और 102 नंबर की 50 एम्बुलेंस मौजूद
अमिट रेखा/ विनीत कुमार
गोरखपुर। योगी सरकार में ‘स्पॉट टू हॉस्पिटल’ मेडिकल सर्विस लगातार सुदृढ़ हो रही है और इसका सबसे महत्वपूर्ण जरिया निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा है। आमजन की चिकित्सा संबंधी आकस्मिक विपदा में यह सेवा संजीवनी बनकर लोगों के काम आ रही है। गोरखपुर में 108 नंबर की 46 और 102 नंबर की 50 एम्बुलेंस सतत सेवारत हैं। जिनके माध्यम से गोल्डन आवर में मरीजों की जान बचाने में मदद मिल रही है।
108 नंबर की एम्बुलेंस एक निशुल्क और हर समय उपलब्ध आपातकालीन सेवा है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में किसी भी मोबाइल नंबर से काल करके इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं और शिशु के लिए सरकार द्वारा 102 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार किया गया है। 102 एम्बुलेंस सेवा का प्रमुख उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृशिशु दर को कम करना है। 102 एम्बुलेंस सेवा भी निशुल्क उपलब्ध है इन सेवाओं का लाभ किसी भी आपातकालीन स्थिति में किसी भी मोबाइल नंबर से कॉल करके लाभ लिया जा सकता है, इसके लिए मोबाइल में किसी प्रकार की कोई बैलेंस की जरूरत नहीं होती है।
एम्बुलेंस में प्रशिक्षित मेडिकल टेक्नीशियन व आपातकालीन स्थिति के लिए सभी प्रकार के उपकरण व जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं जो गोल्डन आवर में मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गोरखपुर जनपद में 108 नंबर की 46 और 102 नंबर की 50 एम्बुलेंस मौजूद है सभी गाड़ियां ब्लॉक और तहसील स्तर पर तैनात की गई है। यह सभी एम्बुलेंस जीपीएस से लैस होती हैं जिसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम द्वारा की जाती है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में गोरखपुर में 81519 लोगों ने 108 एम्बुलेंस सेवा का लाभ लिया है। इनमें नवंबर माह के 8741 मरीज या घायल शामिल हैं। 108 एम्बुलेंस का औसत रेस्पॉन्स टाइम 6.72 मिनट है। सड़क हादसे, एनिमल बाइट, फिजिकल एसाल्ट, बर्न, कार्डियक, चेस्ट पेन, घरेलू हिंसा, मेंटल डिसऑर्डर से जुड़े मामलों में चिकित्सकीय मदद उपलब्ध कराने में इस एम्बुलेंस सेवा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उधर गर्भवती महिलाओं और शिशु के लिए 102 एम्बुलेंस ने वित्तीय वर्ष में 251998 लाभार्थियों की सेवा की। इनमें नवंबर माह के 26724 लाभार्थी सम्मिलित हैं। इस एम्बुलेंस सेवा का औसत रेस्पॉन्स टाइम 6 मिनट है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा बताते हैं कि एंबुलेंस सेवा सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसका एक मात्र उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में आम जन मानस को क्वालिटी सर्विस प्रदान करना है। उनके अनुसार एम्बुलेंस सेवा 102 में सुरक्षित प्रसव हेतु एक स्पेशल डिलीवरी किट भी उपलब्ध है जिससे कि एम्बुलेंस के अंदर सुरक्षित प्रसव कराया जा सके। इसमें मौजूद टेक्निशियन को सुरक्षित प्रसव हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।