गांव से यूक्रेन तक का सफर तय किया गरीब का बेटा

Feb 2, 2026 - 22:28
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गांव से यूक्रेन तक का सफर तय किया गरीब का बेटा

गांव से यूक्रेन तक का सफर तय किया गरीब का बेटा

अमिटरेखा/हारून अली फाजिलनगर/कुशीनगर 

तहसील तमकुही राज के निवासी ग्राम जोगियां हिच्छाराय फ़ाज़िल नगर ज़िला कुशीनगर के एक साधारण गांव से यूक्रेन तक का सफ़र कभी भी आसान नहीं होता, और वह भी तब, जब लक्ष्य एमबीबीएस जैसा  मुक़ाम हो। एक रिटायर्ड आर्मी जवान के बेटे होने के नाते डॉ.मज़हर अली पुत्र जनाब मंज़ूर अली
ने अनुशासन संघर्ष और आत्मबल को अपनी ताक़त बनाया एमबीबीएस की राह में उन्होंने वह दौर भी देखा, जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी। लंबे लॉकडाउन अनिश्चित भविष्य और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखना अपने आप में बड़ी परीक्षा थी। इसी कठिन समय के बाद रूस–यूक्रेन युद्ध ने हालात को और भयावह बना दिया। जान बचाकर सुरक्षित स्थान तक निकलना लगातार भय के साए में जीना और कई दिनों तक भूख की मार झेलना यह दिल दहला देने वाला मंजर किसी भी इंसान को तोड़ सकता था।
लेकिन डॉ. मज़हर अली ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके हर संकट को पार करते हुए उन्होंने यह साबित कर दिया कि मज़बूत इरादों के सामने महामारी और युद्ध भी बेबस हो जाते हैं।
डॉ. मज़हर अली ने अपने परिवार और पुरे समाज का नाम रौशन कर दिया ।
निस्संदेह, ऐसे होनहार और संघर्षशील छात्र को सलाम है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और उम्मीद की रोशनी है। उक्त बातें ग्राम निवासी बैतुल्लाह अंसारी और उनके परिवार ने दिया ।